जिले के रेंढ़र गांव के तीन युवकों को वाराणसी के कछवां कस्बे में ले जाकर
धर्मांतरण कराने के आरोपी युवक का सिर मुड़ाकर शहर में घुमाया गया। बजरंत
दल कार्यकर्ताओं के बवाल की जानकारी मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई।
कार्यकर्ताओं को समझा बुझाकर शांत कराया।
रेंढ़र गांव निवासी संगम जाटव
ने बजरंग दल के पदाधिकारियों को सूचना दी कि माहभर पहले उसे और उसके गांव
के दो अन्य युवकों को
गांव ही अवधेश कुमार वाराणसी के कछवां कस्बे ले गया।
यहां चर्च के कार्यक्रम में तीनों का धर्म परिवर्तन करा दिया गया। इसके
बदले पैसा, नौकरी और शादी कराने का भी झांसा दिया गया। घर लौटने पर उसका मन
नहीं माना तो थाने में शिकायती पत्र दिया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। मामले
की जानकारी मिलते ही बजरंग दल के साथ ही अन्य हिंदुत्ववादी संगठन के
पदाधिकारी हंगामा करने लगे। शुक्रवार को अवधेश
कुमार को धर दबोचा। इसके बाद
उसे उरई ले आए। यहां उसका सिर मुड़ाने के बाद शहर में घुमाया। इसकी
जानकारी मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई। एसपी एन कोलांचि, एएसपी मयफोर्स मौके
पर पहुंचे। अवधेश एवं संगम को हिरासत में ले लिया। बजरंग दल कार्यकर्ताओं
को समझा बुझाकर शांत कराया। अवधेश का कहना है कि वह तीनों युवकों को सत्संग
में ले गया था। धर्मांतरण का आरोप गलत है। देर शाम
उसने बजरंग दल संयोजक
अखिलेश दुबे सहित अन्य पदाधिकारियों पर जबरन घर से अपहृत करने और मारपीट
करने, अपमानित करने की तहरीर दी। दूसरी तरफ से संगम ने तहरीर दी कि उसका दो
अन्य लोगों के साथ अवधेश ने जबरन धर्मांतरण कराया गया। कोतवाल आलोक
सक्सेना का कहना है कि दोनों तरफ से रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा
रही है।