भीम नगर में तहसीलदार बृजेश वर्मा ने मौरंग लदे ट्रकों को रोका तो असलहों से लैस स्कार्पियो सवार खनन माफिया आ गए। तहसीलदार ने पुलिस को सूचना दी, लेकिन एक घंटे तक फोर्स नहीं पहुंची। इस दौरान माफिया मौरंग लदा एक ट्रक छुड़ा ले गए। तहसीलदार ने चार ट्रकों को मौके पर ही खड़ा करा लिया। तहसीलदार का कहना है कि ट्रक पुलिस के सुपुर्द किए गए हैं। सभी ओवरलोड लग रहे हैं। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
बुधवार की सुबह तहसीलदार को सूचना मिली कि एमपी के डुबका घाट से मौरंग लेकर ट्रक जिले के रास्ते से औरैया के लिए निकल रहे हैं। इस पर तहसीलदार ने दस्ते के साथ ही भीमनगर के पास घेराबंदी कर तीन ट्रकों को रोक लिया। पीछे आ रहे दो और ट्रकों को दस्ते ने रोका। तहसीलदार की टीम कागजों की बाबत पूछताछ ही कर रही थी कि स्कार्पियो सवार कुछ लोग आ गए।
खुद को मालिक बताकर जबरन ट्रक ले जाने लगे। दस्ते ने इसकी सूचना माधौगढ़ पुलिस को दी। खनन माफियाओं और तहसीलदार के बीच नोकझोंक होती रही। इस दौरान दो-तीन ट्रक पार हो गए। करीब सवा घंटे बाद बगैर थानाध्यक्ष के फोर्स मौके पर पहुंची तो ट्रकों के चालक कूद-कूद कर भाग निकले।
तहसीलदार ने चार ट्रकों को पुलिस के सुपुर्द किया। रोके गए पांच ट्रकों में से एक भाग निकला। तहलीलदार का कहना है कि कागजात अभी चेक नहीं किए जा सकें हैं, ट्रक ओवरलोड तो लग रहे हैं, लेकिन इसकी पुष्टि एआरटीओ के आने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल चारों ट्रक थाने भेजे जा रहे हैं।
थानेदार नदारद, दीवान ने संभाला मोर्चा
तहसीलदार की सूचना के बाद भी माधौगढ़ थाने के इंस्पेक्टर मौके पर नहीं पहुंचे, काफी देर बाद जब दीवान सत्यदेव त्रिपाठी 6-7 होमगार्डों को लेकर मौके पर पहुंचे, तब जाकर खनन माफियाओं के हौसले पस्त हुए और वे वहां से भाग निकले।
दो दिन पहले भी खुला था पुलिस का गठजोड़
दो दिन पहले माधौगढ़ के निकट ही रामपुरा में भी एसडीएम शीतला प्रसाद ने भी मौरंग के पांच ट्रक पकड़े थे। उस वक्त भी पुलिस ने हीलाहवाली की थी। बताया जाता है कि खनन माफियाओं की थाने और चौकी पुलिस से सेटिंग भी रहती है।
सख्ती की आड़ में वसूली का आरोप
रामपुरा में ट्रैक्टर ट्राली चलाने वाले लोगों का कहना है कि पुलिस और एआरटीओ माफियाओं का कुछ नहीं करते है, बल्कि उन जैसे छोटी गाड़ी वालों को रोककर वसूली कर रहे हैं।