शासकीय अधिवक्ता लखनलाल निरंजन ने बताया कि कदौरा के मोहल्ला सईद नगर निवासी सिद्धगोपाल उर्फ बोरा पर पिता देवीदीन की हत्या का आरोप सिद्ध होने पर अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय व प्रभारी जिला न्यायाधीश चंद्रशेखर प्रसाद ने गुरुवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाकर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
उन्होंने बताया कि वादी सुरेंद्रपाल सिंह पुत्र देवीदीन ने 9 अप्रैल 2010 को कदौरा थाने में तहरीर दी थी कि उसके पिता घर के बाहर सो रहे थे। तभी रात्रि करीब एक बजे उसके बड़े भाई सिद्धगोपाल उर्फ बोरा ने बेवजह पिता पर फावड़े से वार कर घायल कर दिया। जिससे उनकी मौत हो गई। यह वारदात उसकी माताजी गुलाब रानी ने देखा।
मां जब तक मदद के लिए शोर मचाती तब तक आरोपी भाई मौके से भाग निकला। पुलिस से मामला पंजीकृत कर दो दिन बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। बताया कि मुकदमे के दौरान मां की गवाही पर न्यायाधीश ने सजा सुनाई है।