पार्टी के बहाने लखनऊ निवासी युवक को फोन कर बुलाकर बंधक बनाने और दस लाख
रुपये फिरौती मांगने के आरोपी पर दोष सिद्ध होने पर स्पेशल जज डकैती अनिल
कुमार उपाध्याय ने आजीवन कारावास व दस हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई
है।
कोरियर का काम करने वाला पवन पाठक पुत्र अनंत शंकर निवासी रामकृष्ण
मार्ग, फैजाबाद रोड, लखनऊ पिछले साल 17 नवंबर को घर से यह कहकर निकला कि
उसे काम से इलाहाबाद जाना है। इसके बाद वह इलाहाबाद न जाकर चुर्खी थाना
क्षेत्र के गांव मुसमरिया निवासी आरोपी दिलीप सिंह उर्फ बचूड़े के फोन पर
उरई आ गया। यहां इन दोनों ने पार्टी की और तभी
दिलीप ने खाने में कुछ नशीला
पदार्थ खिला दिया। इससे अनंत अचेत हो गया। इसके बाद दिलीप ने उसे शहर के
एक कमरे में बंधक बना लिया और उसके परिजनों से दस लाख रुपये की फिरौती की
मांग की थी। पीड़ित के भाई मनीष पाठक की सूचना के बाद सर्विलांस सेल से
आरोपी दिलीप की लोकशन उरई मिली थी। इस पर मनीष उरई आया और स्थानीय पुलिस व
एसओजी
की मदद से भाई को 20 नवंबर को मुहल्ला सुशीलनगर से सकुशल बरामद कर
लिया गया था। पुलिस ने दिलीप सिंह उर्फ बचूड़े गिरफ्तार कर लिया था। मनीष
सिंह कोतवाली उरई में अपहरण कर बंधक बनाने व 10 लाख रुपये की फिरौती मांगने
की रिपोर्ट आरोपी पर दर्ज कराई थी। आरोपी तभी से जेल में है। इसका मुकदमा
स्पेशल कोर्ट डकैती जज अनिल कु़मार उपाध्याय
की अदालत में चल रहा था।
बुधवार को सुनवाई के बाद आरोपी दिलीप पर दोष सिद्ध हो जाने पर जज ने उसे
आजीवन कारावास व दस हजार रुपये अर्थ दंड की सजा सुनाई है। शासन की ओर से
पैरवी शासकीय अधिवक्ता मुहम्मद वासिल बेग ने की।