सिरसाकलार। बड़ी मड़ैया गांव में वृद्धा की सिर कुचलकर हत्या कर दी गई। बताते हैं कि वह रात में घर के बाहर सो रही थी, लेकिन सुबह उसका शव घर के अंदर खून से सना पड़ा मिला। बड़े बेटे ने अपने छोटे भाई की पत्नी, ससुर, जीजा समेत चार के खिलाफ हत्या का आरोप लगाकर तहरीर दी है। पुलिस चारों को हिरासत में लेकर पूूछताछ कर रही है। एएसपी सुरेंद्र नाथ व सीओ जालौन संजय शर्मा भी वहां पहुंचकर जांच पड़ताल की। एएसपी ने कहा कि तहरीर के आधार पर परिवार के ही कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है। हत्या के वजह पारिवारिक लग रही है। बाकी जांच के बाद साफ हो सकेगा।
सिरसाकलार थाना क्षेत्र के ग्राम बड़ी मड़ैया निवासी राजप्यारी (60) पत्नी स्व. मरजाद अपने छोटे बेटे अरुण के साथ रहती थी। पड़ोस में उसका बड़ा बेटा अरविंद अपनी पत्नी व बच्चों के साथ रहता है। शनिवार देर शाम खाना खाने के बाद वह घर के बाहर खाट पर जाकर सो गई। इसी बीच देर रात किसी समय उसकी सिर कुचल कर हत्या कर दी गई। सुबह राजप्यारी का खून से सना शव घर के अंदर एक कमरे में पड़ा मिला। उस वक्त घर में अरुण की पत्नी सुनीता व उसके बच्चे ही थे और अरुण बाहर गया था। बड़े बेटे ने जब शव देखा तो उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
जानकारी पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर घरवालों से पूछताछ शुरू की। कुछ देर में ही एएसपी व सीओ जालौन भी जांच पड़ताल के लिए पहुंच गए। राजप्यारी के सिर पर किसी भारी वस्तु से प्रहार किए गए थे। बड़े बेटे अरविंद ने पूछताछ में अपने छोटे भाई अरुण की पत्नी सुनीता, उसके पिता दयाराम निवासी मदनापुर कन्नौज, जीजा रामऔतार व एक रिश्तेदार मान सिंह निवासीगण छोटी मड़ैया कदौरा के खिलाफ हत्या की तहरीर दी। एएसपी ने बताया कि फिलहाल मामला पारिवारिक झगड़े का नजर आ रहा है। चारों लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जल्द ही मामले का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।
दो दिन पूर्व सास बहू में हुआ था झगड़ा
राजप्यारी ने अपने छोटे बेटे अरुण की शादी 29 मार्च 2017 को सुनीता पुत्री दयाराम निवासी मदनापुर कन्नौज के साथ की थी। शादी के बाद ही से आएदिन सास बहू में झगड़ा होता रहता था। दो दिन पहले भी जेवर को लेकर सुनीता का सास राजप्यारी से झगड़ा हुआ था। जिसके बाद सुनीता में थाने में सास के खिलाफ तहरीर दी थी।
बाहर से कमरे तक घसीट कर ले गए
घर के बाहर सो रही राजप्यारी को हत्यारे घसीटते हुए अंदर ले गए थे। कच्चा मकान होने की वजह से जमीन पर उसके घसीटे जाने के निशान मिले हैं। साथ ही दरवाजे व घर की कच्ची दीवारों पर मिले खून से यह भी साफ होता है कि हत्या के पहले राजप्यारी ने काफी संघर्ष किया था।
37 साल पूर्व हो गई थी पति की मौत
राजप्यारी के पति मरजाद सिंह की 37 साल पूर्व मौत हो गई थी। इसके बाद उसने ही अपने बेटों की परवरिश की। मेहनत मजदूरी कर दोनों बेटों के घर बसाए। छोटे बेटे अरुण की शादी के बाद वह उसी के साथ रहती थी। जबकि बड़ा बेटा अरविंद बगल वाले घर में रहता था, उसके यहां भी वह आती जाती रहती थी।