जिला कारागार में निरुद्ध बंदी की संदिग्ध हालात में मौत के मामले में जेलर, डिप्टी जेलर समेत सात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट कोर्ट के आदेश पर उरई कोतवाली में दर्ज की गई है। मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के गढ़कुंडार सेेंदरी गांव निवासी देवव्रत अड़जरिया ने कोतवाली पुलिस को कोर्ट के आदेश की प्रति देते हुए रविवार को मामला दर्ज कराया। देवव्रत
के मुताबिक उसका भाई सत्यव्रत अड़जरिया हत्या केे मामले में जिला कारागार में निरुद्ध था। आरोप है कि 28 नवंबर 2015 की शाम करीब 4.30 बजे तत्कालीन जेलर उदय प्रताप सिंह, डिप्टी जेलर विनोद दीक्षित व उन्हीं के गांव के बंदी विनोद, नीरज, पंकज, राजेश व जालौन कोतवाली के सुढ़ार निवासी अनिल नाई ने साजिश के तहत उसके भाई के खाने में जहर
मिला दिया। इससे उसकी मौत हो गई। इस मामले की तहरीर उसने पुलिस को दी। जब पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी तो उसने डिस्ट्रिक्ट कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने जेलर समेत सात आरोपियों के खिलाफ हत्या व हत्या की साजिश रचने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली। कोतवाल सुनील तिवारी ने रिपोर्ट दर्ज होने की पुष्टि की है।