उरई (जालौन)। शराब के नशे में कुठौंद थाने के दरोगा ने जमकर उत्पात मचाया। उसने होटल संचालक और उसकी पत्नी के साथ मारपीट की। बचाने आई पत्नी व बेटी से भी अभद्रता की। इसके बाद वहां से गुजर रहे राहगीराें के साथ भी मारपीट कर सरकारी पिस्टल लहराकर हंगामा किया। इससे वहां अफरातफरी मच गई। सूचना के बाद भी थाना पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। इससे लोगाें में रोष है। बताया जाता है कि दरोगा का दो माह पूर्व ही नदीगांव थाने में ट्रांसफर भी किया जा चुका है। फिर भी वह कुठौंद थाने में ही तैनात था। पीड़ित होटल संचालक परिजनाें के साथ एसपी डा. राकेश सिंह से मिले और आपबीती बताई।
कठौंद थाना के गांव नैनापुर के पास कुठौंद-औरैया हाइवे पर सुबोध मिश्रा राधिका होटल का संचालन करते हैं। बुधवार की रात करीब दस बजे वह होटल पर थे तभी कुठौंद थाने में तैनात दरोगा धमेंद्र यादव पहुंचा और वहां होटल कर्मियों के साथ मारपीट करने लगा। जब होटल संचालक सुबोध मिश्रा ने विरोध किया तो दरोगा ने उनके साथ भी मारपीट कर दी। होटल में मारपीट व चीखपुकार की आवाज सुनकर वहीं बगल में रह रहा सुबोध का परिवार पत्नी व बेटी बचाने आई तो दरोगा ने उनको भी धक्का दे दिया। इससे उनके हाथ में चोट लग गई। बवाल होता देख लोगाें ने थाना पुलिस को सूचना दी लेकिन पुलिस मौके पर नहीं आई। इस पर दरोगा के हौसले बुलंद हो गए। उसने वहां से गुजर रहे राहगीराें के साथ भी मारपीट की। मामला दरोगा का होने के कारण थाना पुलिस ने तहरीर के बाद भी कार्रवाई नहीं की।
नहीं उठता थानेदार का सीयूजी मोबाइल
उरई। रात में वारदात के बाद पीड़ित होटल संचालक ने थानाध्यक्ष आनंद सिंह को सरकारी मोबाइल पर दरोगा के उत्पात की जानकारी देनी चाही लेकिन उनका मोबाइल नहीं उठा। इससे करीब एक घंटे तक दरोगा ने जमकर उत्पात मचाया और पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। इस बाबत एएसपी सुभाष चंद्र शाक्य का कहना है कि वह इसकी भी जांच कराएंगे।
जांच के बाद होगी कार्रवाई: एसपी
उरई। एसपी राकेश सिंह का कहना है कि मामला उनकी जानकारी में है। जांच कराई जा रही है। यह भी पता किया जा रहा है कि वह ट्रांसफर के बाद भी थाने में कैसे तैनात था। दरोगा के खिलाफ कार्रवाई होना तय है। सिर्फ जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।