आधुनिकता की अंधी दौड़ और तनाव पूर्ण दिनचर्या ने लोगों के अंदर सहनशक्ति को खत्म सा कर दिया है। यही कारण है कि लोग जरा-जरा से बात पर जिंदगी का साथ छोड़ने को तैयार हो रहे हैं। ऐसे ही दो मामलों में मामूली बातों पर किशोर सहित दो लोगों ने फांसी लगाकर जान दे दी। पहले मामले में आटा थाना क्षेत्र के गांव परासन निवासी लल्लूराम ने पुत्र अरुण (14)
को किसी बात को लेकर डांट दिया। इससे क्षुब्ध होकर रविवार की सुबह करीब 10 बजे वह अपने कमरे में गया और फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जब काफी देर वह दिखाई नहीं दिया तो परिजनों ने कमरे में जाकर देखा तो उसका शव फंदे पर लटका था। यह देख परिजनाें में कोहराम मच गया। सूचना पाकर थाना आटा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को
आवश्यक कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थानाध्यक्ष मनोज कु मार ने बताया कि पिता की डांट से क्षुब्ध होकर किशोर ने फांसी लगाई है। दूसरे मामले में उरई कोतवाली के मुहल्ला राजेंद्र नगर निवासी जितेंद्र कुमार (26) पुत्र हरिश्चंद्र का विवाह झांसी जनपद के माेंठ कोतवाली क्षेत्र के गांव बमरौली निवासी निर्मला के साथ हुआ था। होली पर
वह अपने मायके गई थी। पेशे से टेलर जितेंद्र शनिवार को वह पत्नी को लेने ससुराल गया था लेकिन उसने साथ चलने से इंकार कर दिया। इसको लेकर तूतू- मैंमैं हो गई। इसके बाद जितेंद्र घर आया और रविवार की दोपहर करीब एक बजे अपने कमरे में लगे हुक से फांसी का फंदा बनाकर झूल गया। इससे उसकी मौत हो गई, परिजनों ने जब उसका शव फांसी पर
लटकते देखा तो घर में कोहराम मच गया। सूचना पाकर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोतवाल आलोक सक्सेना ने बताया कि युवक ने पारिवारिक कलह के चलते फांसी लगाई है।