खेत में पड़े सामान को देखते एसपी
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ग्रामीण रिटायर्ड डीएसपी प्रीतम सिंह, सुरेंद्र मोहन सिंह, संगीत सिंह, ज्योतिष सिंह, गौरव, रवींद्र सिंह, सुशील सिंह, राजेश आदि का कहना है कि लोकसभा चुनाव के कारण गांव के 18 लाइसेंसी शस्त्र थाने में जमा करा लिए गए इसकी भी जानकारी बदमाशों को थी। अगर असलहा जमा न होते तो बदमाश इतनी बड़ी घटना को अंजाम देकर आराम से नहीं निकल पाते।
घटना से गांव के लोगों में दहशत है। ग्रामीणों का कहना है कि गश्त के नाम पर पुलिस रात में कुछ ही देर तक टहलती है, फिर चौकी थाने में जाकर सो जाती है। कोई अधिकारी भी गश्त पर नहीं रहता है, जिस कारण भी पुलिस कर्मी मुस्तैद नहीं दिखाई देते हैं। उस पर ग्रामीणों के तो असलहे चुनाव के नाम पर जमा करा लिए गए लेकिन बदमाश अपने अवैध असलहों से अभी भी गोलियां उगल रहे हैं।
भानु ने एक बदमाश की पहचान की
बदमाशों की गोली से घायल भानु सिंह ने कोतवाल को बताया कि बदमाशों के साथ गांव का एक युवक भी था। इसी के साथ मिलकर अन्य बदमाशों ने घटना को अंजाम दिया। उक्त आरोपी निर्वेंद्र के निर्माणाधीन मकान में मजदूरी करता था और वह कुछ दिनों से काम पर आ भी नहीं रहा था। पुलिस ने फिलहाल उक्त संदिग्ध को उठा लिया है।
बीस दिन पहले बेची थी 10 लाख की जमीन
पीड़ित इंद्रभान सिंह पुत्र सुल्तान सिंह ने 20 दिन पहले अपनी जमीन 10 लाख में रुपये में बेची थी। वहीं निर्वेंद्र पुत्र करन सिंह मकान निर्माण के लिए बीती शनिवार को बैंक से ढाई लाख रुपये निकालकर लाए थे। इसकी जानकारी किसी न किसी नजदीकी को थी और उसने बदमाशों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।
मदद के लिए आया था भानु
बदमाशों की गोली से घायल भानु अपनी बहन बहनोई के निर्माणाधीन मकान की देखरेख के लिए पत्नी आरती के साथ आया था। बहन-बहनोई की सहायता के लिए वह पिछले डेढ़ माह से मकान निर्माण का काम देख रहा था।