महिला की गमगीन बेटियां और परिजन।
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बता दें कि बुधवार देर शाम शहर के करमेर रोड नेशनल हाईवे पर सड़क किनारे एक महिला का शव पड़ा मिला था। सूचना पर पुलिस व फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की थी। शरीर में चोटों के निशान देखते हुए महिला की हत्या कर शव फेंके जाने की आशंका जताई जा रही थी। पुलिस ने शव की शिनाख्त के लिए आसपास क्षेत्र में छानबीन शुरू की। शव मिलने की जानकारी पर एक अनिकेत नाम का युवक उरई पहुंचा और उसने शव की शिनाख्त अपनी मां मंगलादेवी (40) पत्नी रामजीवन के रूप में की।
अनिकेत ने बताया कि मंगला देवी मंगलवार दोपहर करीब 11 बजे किसी काम के चलते घर से निकली थी, लेकिन शाम तक वह नहीं लौटी। काफी खोजबीन के बाद भी जब उनका कुछ पता नहीं चला तो बुधवार दोपहर उसने थाने में मां की गुमशुदगी की तहरीर दी थी। कुछ देर बाद ही उसे उरई में एक महिला का शव मिलने की सूचना मिली।
उसने वहां जाकर देखा तो वह शव उसकी मां का ही निकला। शव की शिनाख्त के बाद पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उधर अनिकेत ने उरई कोतवाली में मां की हत्या की आशंका जताते हुए तहरीर दी। इंस्पेक्टर का कहना है कि शरीर पर चोट के निशान देखते हुए हत्या नजर आ रही है, लेकिन अभी स्पष्ट नहीं है। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
4 साल पूर्व पति भी
हो गया था लापता
मंगलादेवी का पति रामजीवन भी करीब 4 साल पूर्व इसी तरह अचानक लापता हो गया था। काफी खोजबीन के बाद भी उसका आज तक कुछ पता नहीं चला। वह मानसिक रूप से विक्षिप्त भी था। मंगलादेवी उसके लौट आने की उम्मीद में बैठी रहती थी।
आर्थिक रूप से थी परेशान
पति के लापता होने के बाद से मंगलादेवी आर्थिक रूप से काफी परेशान थी। उसके तीन बेटियां अश्वनी (15), शिवानी (16) व निकेता (10) और एक बेटा अनिकेत है। वह मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण कर रही थी। साथ ही उसका बेटा अनिकेत सौर ऊर्जा प्लांट में काम करता है। घर की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है।