शहर कोतवाली में तैनात हेड कांस्टेबल प्रदीप कुमार (54) पुत्र पातीराम निवासी मोरामऊ थाना इंदरगढ़ जिला कन्नौज शहर के स्टेशन रोड स्थित सत्तार टायर वालों के मकान में किराये पर कमरा लेकर रहता था। रविवार रात 10 बजे वह कोतवाली से ड्यूटी कर कमरे में गए। सुबह कमरे के फर्श पर उनका शव पड़ा था और पास ही खाना रखा था। शरीर पर सिर्फ अंडरवियर और बनियान ही थी। यह देख मकान मालिक ने इसकी सूचना पुलिस को दी।
सूचना पाकर सीओ संतोष कुमार, कोतवाल शिवगोपाल वर्मा मौके पर पहुंचे। कुछ ही देर में सूचना पाकर एसपी व एएसपी फोरेंसिक टीम के साथ पहुंच गए। जांच पड़ताल के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर परिजनों को सूचना दी। एसपी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक फेफड़े चोक होने से उनकी मौत हुई है। कोतवाल ने बताया कि हेड कांस्टेबिल की तैनाती उरई कोतवाली में 17 जुलाई 2017 में हुई थी। वह 1988 में पुलिस में भर्ती हुए थे।
फेफड़े चोक होने से हुई मौत, बिसरा सुरक्षित
उरई। हेड कांस्टेबल प्रदीप कुमार के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक फेफड़े चोक होने से उनकी मौत हुई है। जिला क्षय अधिकारी डॉ सुग्रीव का कहना है कि फेफड़े किसी भी बीमारी अथवा अन्य स्थिति में भी चोक हो सकते हैं। लिहाजा बिसरा रिपोर्ट से ही मौत की सही वजह स्पष्ट हो सकेगी। वहीं देर शाम एसपी, एएसपी एके सिंह और सीओ सिटी संतोष शर्मा की मौजूदगी में प्रदीप के शव को गार्ड आफ आनर दिया गया। इसके बाद बेटा मुकुल राज(22), पत्नी शकुंतला, बेटी गरिमा (24) और भांजा ईशांत गौतम शव लेकर पैतृक गांव मोरामऊ थाना इंदरगढ़ जिला कन्नौज लेकर रवाना हो गए। परिजनों के मुताबिक, उन्हें कभी-कभार ब्लड प्रेशर की शिकायत रहती थी।