कालपी के तरीबुल्दा मोहल्ले निवासी भगवान सिंह के बेटे दीपू (24) की शादी 17 मई को प्रतिभा उर्फ प्रभा के साथ हुई थी। परिजन सुबह साढ़े आठ बजे दूल्हा-दुल्हन को देवी दर्शन कराने वैन चालक मोहित (28) के साथ बंधौली जा रहे थे। वैन में दीपू का भाई सीपू (20), मां गायत्री, बहन अलका, अलका की बेटी आरोही (4), सास सोमवती, देवर शुभम उर्फ गोलू संग अलका की गोद में उसकी दुधमुंही बच्ची थी। उरई-राठ मार्ग स्थित बस स्टैंड के पास जैसे ही वैन सवार पहुंचे, तभी खदान से मौरंग भरकर आ रहे डंपर ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वैन के परखचे उड़ गए। हादसे के बाद वैन सवार महिलाएं चीखने लगी।
इधर, चालक ने जैसे ही डंपर रोका, आसपास मौजूद ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया और पीटने लगे। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणाें के चंगुल से डंपर चालक को बचाया। हादसे में दीपू, सीपू, चार साल की बच्ची आरोही और वैन चालक मोहित की मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल प्रभा, गायत्री, अलका, शुभम, सोमवती को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां से हालत नाजुक होने पर अलका को छोड़ अन्य घायलों को कानपुर रेफर कर दिया गया। हादसे के बाद कुछ लोगों ने मार्ग जाम करने की कोशिश की। लोगों का आरोप था कि ओवरलोड मौरंग लदे तेज रफ्तार ट्रकों से आए दिन हादसे होते हैं। सीओ सिटी संतोष कुमार ने भीड़ को समझा-बुझाकर शांत कराया।