उरई (जालौन)। बेेटी से चल रहे मुकदमे में सुलह न करने वाले दामाद को ससुर व उसके साले ने गोली मार दी थी जिसमें युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसने उरई कोतवाली में हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल कर कोर्ट में दाखिल कर दी थी। इस मामले की सुनवाई एडीजे तृतीय मनोज कुमार शुक्ला ने की। अदालत ने ससुर को पांच साल की सजा व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
मालूम हो कि शहर कोतवाली के मुहल्ला श्यामनगर निवासी मुख्तार खान का नया पटेलनगर काले खां की मजार के पास रहने वाले ससुर वसीम से उनकी बेटी को लेकर विवाद चल रहा था। बीती 21 नवंबर 2012 को ससुर वसीम ने अपने पुत्र जीशान व दो अज्ञात के साथ आंखाें वाले अस्पताल के पास मुख्तार को घेर लिया और मुकदमे को वापस लेने का दबाव बनाया लेकिन जब मुख्तार ने सुलह करने से इंकार कर दिया तो आरोप है कि वसीम व उसके साथियाें ने मुख्तार को जान से मारने के इरादे से गोली मार दी जो उसके कंधे में लगी और वह लहूलुहान होकर गंभीर रूप से घायल हो गया।
इस मामले की रिपोर्ट पीड़ित ने उरई कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचक दरोगा जयवीर सिंह ने मामले में आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया। इस मामले की सुनवाई एडीजे तृतीय मनोज कुमार शुक्ला की अदालत में चल रहा था। मंगलवार को जज ने दोनाें पक्षाें के अधिवक्ताआें की दलीलें सुनने के बाद आरोपी वसीम पर दोष सिद्ध होने पर पांच साल के कारावास व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई, जबकि पुत्र जीशान का मुकदमा बच्चा कोर्ट में चल रहा है। शासन की ओर से पैरवी भगवती प्रसाद तिवारी ने की।