मामला आटा थाना क्षेत्र के ददरी गांव का 11 सितंबर 2011 का है। गांव के रामऔतार का पुत्र नरेश (21) तसले में कूड़ा लेकर घूरे में डालने जा रहा था। तभी कूड़े के ढेर से उड़ी धूल को लेकर परमी उर्फ रावरानी पत्नी धूराम से उसकी कहासुनी हो गई। परमी ने विवाद की जानकारी अपने पुत्रों सुरेश, राममिलन और राकेश को दी। इसके बाद परमी, उसके तीनों पुत्र और रिश्तेदार चंद्रपाल असलहे लेकर आए और नरेश पर हमला बोल दिया। बीच बचाव के दौरान पड़ोसी किशोरीलाल (56) को भी दोषियाें ने गोली मार दी थी।
नरेश और किशोरीलाल की मौके पर ही मौत हो गई। मामले की रिपोर्ट नरेश के पिता रामऔतार ने थाने में दर्ज कराई थी। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संतराम वर्मा ने बताया कि विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट ने परमी उर्फ रावरानी पत्नी धूराम, सुरेश, राममिलन, राकेश पुत्रगण धूराम और रिश्तेदार चंद्रपाल पुत्र मंगल निवासी कछवा कलां थाना जरिया जिला हमीरपुर को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।