पुलिस लाइन में एसपी अमरेंद्र सिंह व एएसपी सुरेंद्र नाथ तिवारी ने मामले का खुलासा कर बताया कि 27 दिसंबर की रात शहर के घंटाघर के पास स्थित बिहारी सिलेक्शन हाउस, कस्तूरी ट्रेडर्स, पलक साड़ीज व सुजान सिंह सुरजीत सिंह की दुकानों में धावा बोलकर चोरों ने नगदी व लाखों रुपये कीमत का सामान चोरी कर लिया था। शहर के बीचोंबीच और पुलिस पिकेट ड्यूटी होने के बावजूद हुई चोरियों से हड़कंप मचा था। यह पुलिस के लिए भी गले की फांस बनी हुई थी। एसपी ने इन चोरियों के खुलासे के लिए टीमें बनाई थी। इसमें कोतवाली पुलिस, सर्विलांस टीम व स्वाट टीम काम कर रही थी। शनिवार की रात पुलिस को मुखबिर से चोरियों को अंजाम देने वाले आरोपियों के शहर में होने की सूचना मिली।
जानकारी पुख्ता होते ही पुलिस ने शहर के रेलवे स्टेशन के पास घेराबंदी कर दी। पांच युवक उन्हें स्टेशन की तरफ आते दिखे। पुलिस ने पोस्ट ऑफिस के सामने घेराबंदी कर पांचों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पांचों को पकड़कर कोतवाली ले आई, जहां पूछताछ के दौरान सभी ने दुकानों में चोरी किए जाने की बात स्वीकार की। इन पकड़े गए आरोपियों की पहचान नितिन पुत्र कैलाश अहिरवार, भूपेंद्र सिंह उर्फ भोंपू पुत्र लक्ष्मण प्रसाद निवासीगण ग्राम पचवारा थाना उलदन जिला झांसी, कैलाश मीणा पुत्र दूलजी मीणा निवासी बस्सी मकोडा, थाना सदर बांशवाड़ा राजस्थान, हरीश मीणा पुत्र लालू मीणा निवासी जरी थाना बुंगड़ा जिला बांशवाड़ा राजस्थान व राजेश मीणा पुत्र गोपाल मीणा निवासी बड़ी थाना कोतवाली बांशवाड़ा राजस्थान के रूप में हुई है।
रविवार को पुलिस लाइन में एसपी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पकड़े गए सभी आरोपी पहले भी चोरियों के मामले में कई बार जेल जा चुके है। यह सभी कई बार बड़े शहरों में भी चोरियों को अंजाद दे चुके है। इनके पास से उरई में दुकान से चोरी किए गए सामान में 21 हजार रुपये नगद, 5 जैकेट, 3 जींस पैंट, 2 कंबल, 2 साड़ियाें के अलावा चोरी में प्रयुक्त रेती, पाइप व कटर समेत इसे दो तमंचे व चार जिंदा कारतूस बरामद हुए है। एसपी ने आरोपियों को पकड़ने वाली टीम को नगद पुरस्कार दिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर जेल भेज दिया। पकड़ने वाली टीम में सर्विलांस प्रभारी मतीन खांन, एसआई साबिर अली, परमेंद्र सिंह, राजेश मिश्रा, सिपाही गौरव बाजपेई, शोएब आलम, जगदीश चंद्र, पवन कुमार, शैलेंद्र चौबे, मनोज सोनकर, रवि भदौरिया, करमवीर, नीतू कुमार, शैलेंद्र चौहान, प्रदीप कुमार, लक्ष्मण सिंह व महेश यादव आदि शामिल रहे।