पुलिस लाइन से चंद कदम की दूरी पर चार दिन पहले हुए सनसनीखेज हत्याकांड में पुलिस की जांच में छेद नजर आ रहे हैं। खास बात यह है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर में कहीं भी गोली लगने का जिक्र नहीं है जबकि पुलिस तमंचे से हत्या बता रही है। इसके अलावा मुख्य आरोपी वारदात में किसी और के शामिल नहीं होने की बात कह रहा है। जबकि शव को जिस
तरह बोरे में बंद किया गया था उससे किसी एक व्यक्ति के लिए ऐसा करना असंभव है। अभियुक्त का मोबाइल, हत्या में प्रयुक्त किया गया धारदार हथियार भी बरामद नहीं हुआ है।
चार दिन पूर्व शहर के मोहल्ला बघौरा निवासी ललित याज्ञिक (48) की मोहल्ले के ही धीरेंद्र उर्फ शिवा यादव ने अपने घर बुलाकर हत्या कर दी थी। इसके बाद वह शव को बोरे में भरकर
कहीं फेंकने जा रहा था। तभी मृतक का बेटा पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गया था। यहां से पुलिस ने साक्ष्य मिटाने का प्रयास कर रही किरन यादव व उसकी बेटी को हिरासत में ले लिया था और बोरे में बंद शव बरामद किया था। शुक्रवार को पुलिस ने मुख्य आरेापी को गिरफ्तार कर खुलासा भी कर दिया। इस खुलासे ने पुलिस की जांच पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस के मुताबिक तमंचे से गोली मारकर हत्या की गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली का कहीं जिक्र ही नहीं है। आरोपी ने पूरी वारदात को अकेले करने की बात कही है। जबकि अकेले हत्या करना और शव को बोरे में भर पाना संभव नहीं था। मृतक की ठोढ़ी के नीचे धारदार हथियार से हमले के निशान थे। यह किस हथियार के थे यह पुलिस अभी तक पता नहीं
लगा सकी है और न ही हथियार बरामद कर सकी। पुलिस अभी तक मुख्य आरोपी का मोबाइल भी बरामद नहीं कर पाई है। छानबीन के लिहाज से उसके मोबाइल से कई महत्वपूर्ण तथ्य जुटाए जा सकते हैं। सवाल यह भी है कि जब आरोपी अकेले वारदात की बात कह रहा है तो वह शव को बोरे में अकेले कैसे और कहां ले जाता? शव को गायब करने के लिए जरूर उसने
किसी वाहन की व्यवस्था की होगी। यह वाहन कौन सा था और किसका था इसकी भी अभी तक कोई जानकारी नहीं हो सकी है। कुल मिलाकर अभी तक जांच जिस स्थिति में पहुंची है उसमें कई तथ्य छूटे हुए हैं।