पुलिस हिरासत में आरोपी व प्रेसवार्ता करते कोतवाल।
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अपहरण की झूठी कहानी बनाकर अपने दादा के माध्यम से विरोधियाें को फंसाने के मंसूबे पाले युवक को पुलिस ने उसके ही घर से शनिवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान युवक ने पुलिस के सामने जो खुलासा किया उसे सुनकर लोग दंग रह गए। कोतवाल ने बताया कि युवक के खिलाफ जालसाजी की रिपोर्ट दर्जकर उसे जेल भेजा जा रहा है।
कोतवाल आलोक सक्सेना ने कोतवाली में प्रेस को बताया कि 12 दिसंबर को कोतवाली क्षेत्र के गांव चक जगदेवपुर निवासी लक्ष्मन श्रीवास ने रिपोर्ट लिखाई थी कि कोतवाली क्षेत्र के ही गांव मबई मौखरी निवासी चंद्रमोहन व उसका भाई सुरेंद्र पाल उसके पौत्र मानसिंह श्रीवास का अपहरण कर ले गए हैं। पुलिस ने टीम गठित कर खोजबीन की तो पता चला कि अपहरण
की पूरी कहनी झूठी है। पुलिस ने सर्विलांस सेल की मदद से कथित अपहृत की खोजबीन करना शुरू की तो पता चला कि मानसिंह त्रिवेंद्रम में है। पुलिस उसकी खोजबीन में जुट गई। शनिवार रात कोतवाली पुलिस वांछिताें की तलाश में गांव चक जगदेवपुर पहुंची तो अपहरण की बाबत ग्रामीणाें से बात की। पता चला कि जिस मान सिंह के अपहरण के संदर्भ में
मुकदमा दर्ज है वह अपने घर पर ही है। पुलिस ने उसके घर जाकर उसे दबोच लिया। पूछताछ में मानसिंह ने बताया कि उसका चंद्रमोहन व उसके भाई से पैसे का लेनदेन था। इसलिए उसने दादा के माध्यम से झूठी अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर धोखाधड़ी व पुलिस को गुमराह करने की धाराओं में रिपोर्ट दर्जकर कार्रवाई की बात कही है।