बता दें कि चार साल पूर्व 29 दिसंबर 2013 को शहर के मोहल्ला इंद्रानगर निवासी रामस्वरूप पुत्र छोटेलाल का 14 वर्षीय बेटा नरेंद्र उर्फ पवन बाजार सामान खरीदने गया था। वहां से लौटते वक्त उसका अपहरण हो गया था। अपहरणकर्ताओं ने परिजनों को फोन कर 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। पुलिस ने 22 जनवरी 2014 को नरेंद्र को अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छुड़ा लिया था।
साथ ही इस मामले में शिवकुमार पुत्र मनभावन निवासी भीकमपुरा थाना लहार जिला भिंड मध्य प्रदेश, बालस्वरूप पुत्र रामसेवक, रामपाल पुत्र देवीदयाल, बलवीर पुत्र सुंदरलाल निवासीगण ग्राम ऐरी थाना डकोर, रामप्रकाश उर्फ मुखिया पुत्र गंगाप्रसाद, रामस्वरूप पाल पुत्र लालजू निवासीगण ग्राम सुसकरा थाना रेढ़र व सीताराम पुत्र नारायण और रणवीर बघेल पुत्र भंजूलाल निवासीगण ग्राम दिलहर्रे का पुरवा थाना लहार भिंड को गिरफ्तार किया था। इसके खिलाफ यह मामला कोर्ट में विचाराधीन था।
मंगलवार को इनके खिलाफ सबूत मिलने पर डकैती कोर्ट के जज नरेंद्र कुमार तृतीय ने अपना फैसला सुनाते हुए सभी को अपहरण के मामले में आजीवन कारावास व 20-20 हजार जुर्माना लगाया। इसके अलावा गिरोह बनाकर अपहरण कर व्यक्ति को छिपाने के मामले में आजीवन कारावास व 20-20 हजार का जुर्माना और नाबालिग का अपहरण करने के मामले में सभी को चार-चार साल का कारावास और चार-चार हजार रुपये जुर्माना लगाया। सरकार की ओर से मामले की पैरवी अपर डीजीसी फौजदारी प्रमोद कुमार वर्मा ने की।