चुर्खी थाना क्षेत्र के जलालपुर निवासी राजेश ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी भानुवती को प्रसव पीड़ा होने पर गुरुवार की सुबह दस बजे परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन अस्पताल के स्टाफ ने कोई सहयोग नहीं किया, जांच व दवाओं के नाम इधर-उधर भटकाते रहे। साथ ही उसे बाहर जाकर इलाज कराने को कहा गया।
जब वह पैसे का इंतजाम कर अस्पताल आया और पत्नी को ले जा रहा था तो अस्पताल के गेट पर ही प्रसव हो गया। नवजात बच्ची मृत थी। राजेश का आरोप है कि अस्पताल में तैनात चिकित्सक व स्टाफ सुबह से इधर उधर भटकाता रहा। जांच व दवाइयों के नाम पर भी उसके हजारों रुपये खर्च हो गए। उसका अल्ट्रासाउंड भी बाहर से कराया गया। इसे लेकर परिजनों ने अस्पताल में हंगामा काटा।
इसी तरह बंगरा के रंजीत ने भी आरोप लगाया कि दो दिन पहले इसी तरह अस्पताल स्टाफ ने उसकी पत्नी को भी टरका दिया था। इधर ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर गीतेश का कहना है कि महिला को पहले से पांच बेटियां है। यह छठवां प्रसव था। उसे शरीर में खून की कमी थी, लिहाजा उसे बाहर कहीं और इलाज कराने की सलाह दी गई थी। उसके लिए एंबुलेंस का इंतजाम भी कराया था। वहीं कोतवाल शिव गोपाल का कहना है कि उनके पास फिलहाल मामले की कोई जानकारी नहीं है।