उरई (जालौन)। शहर कोतवाली के मुहल्ला मातापुरा में दंपति व उनके एकलौते बेटे की गला रेतकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने घर के दरवाजे तोड़कर तीनों शव बरामद किए। हत्या क्यों और किसने की, फिलहाल यह साफ नहीं हो सका है, पर पुलिस को महिला के मुंहबोले भाई की तलाश है, जिसका कुछ दिन पहले इस परिवार से झगड़ा हुआ था। पुलिस को तीन हत्याओं के पीछे स्मैक कारोबार की आशंका भी है, क्योंकि मारी गई महिला स्मैक के धंधे में जेल जा चुकी थी। सूचना मिलते ही डीआईजी शरद चंद्र भी झांसी से मौके पर पहुंचे। उन्होंने मौका मुआयना के बाद एसपी राकेश सिंह को घटना का जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए।
शहर कोतवाली के मुहल्ला मातापुरा निवासी सुरेंद्र तिवारी (62) पत्नी अभिलाषा तिवारी (60) व पुत्र कार्तिक तिवारी उर्फ डिंपू (25) के साथ रहते थे। सुरेंद्र नगर पालिका का रिटायर्ड कर्मचारी था। पड़ोसियों का कहना है कि दो दिन पहले सुरेंद्र के घर कुछ लोग आए थे। आशंका है कि उन्हीं लोगों ने हंसिया, कुल्हाड़ी और सब्बल से तीनों की हत्या की और शवों को घर में बंदकर भाग निकले। उन्होंने चाबी घर के अंदर ही फेंक दी थी।
चुर्खीबाला जालौन निवासी बेटी रूबी पत्नी शालीग्राम ने बताया कि वह दो दिन से अपने माता-पिता को फोन कर रही थी। उनका फोन नहीं उठ रहा था। इससे उसे किसी अनहोनी की आशंका हुई। वह सोमवार को अपने मायके आई। घर के दरवाजे पर ताला देखकर उसने खिड़की में लगे कूलर को हटाकर झांका तो मां व पिता का खून से सना शव देखकर सन्न रह गई। इसी दौरान मोहल्ले वाले भी जमा हो गए। इसके बाद कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने दरवाजे तोड़े तो आंगन में बेटे का शव भी मिल गया। वहीं हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, सब्बल व हंसिया पड़ी थी। पुलिस का अनुमान है कि तीनों हत्याएं 18 नवंबर को की गई हैं। एसपी के अलावा एएसपी सुभाष चंद्र शाक्य, सीओ जंगबहादुर सिंह भी मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। पुलिस कई बिंदुआें पर जांच कर रही है।