हाईवे पर ट्रकों की जांच करती संयुक्त टीम।
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बता दें कि जनपद में करीब एक साल से मौरंग खनन पर रोक लगी है। इसके बावजूद मध्यप्रदेश की खदानों से ओवरलोडिंग का खेल बदस्तूर जारी है। हाईवे के टोल प्लाजा से होते हुए ओवरलोड ट्रक आसानी से कानपुर, इटावा, औरैया की ओर निकल जाते हैं। हाल ही में जनपद आए परिवहन मंत्री से भी मामले की शिकायत की गई थी। इस पर मंगलवार को पुलिस और परिवहन अधिकारियों की संयुक्त टीम जब सड़क पर उतरी तो मौरंग माफियाओं में हड़कंप मच गया। आनन फानन में टीम ने आटा हाईवे के पास से करीब 12 ट्रक ऐसे पकड़े जो मौरंग और गिट्टी से ओवरलोड थे।
जिससे आटा थाने की पुलिस हैरत में पड़ गई। आसपास के ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताया कि रोजाना आटा टोल से ही पुलिस की नजरों के सामने से सैकड़ों ओवरलोड ट्रक गुजरते हैं, लेकिन कभी किसी पर कोई कार्रवाई नहीं होती है। टीम अधिकारियों ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। बताया जाता है कि कुछ परिवहन अधिकारी भी पुलिस की मिलीभगत में शामिल है, लेकिन संयुक्त चेकिंग के कारण कोई कुछ नहीं कर पाया। टीम में खनिज अधिकारी राजेश सिंह, एआरटीओ सर्वेश सिंह, धनवीर सिंह और आटा थानाध्यक्ष आनंद कुमार मौजूद रहे।
आटा की तरह रामपुरा थाना क्षेत्र से भी ट्रैक्टरों से मौरंग ढोने का सिलसिला बंद नहीं हो रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही रात के वक्त रामपुरा में भी अचानक चेकिंग की जाएगी, यदि किसी पुलिस कर्मी की भूमिका पाई गई तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। खनिज अधिकारी राजेश सिंह का कहना है कि ओवरलोडिंग सबसे अधिक रात के वक्त होती है। पुलिस के पास फोर्स की कमी है, इसलिए नियमित चेकिंग संभव नहीं है। जल्द ही संयुक्त टीमें रात की चेकिंग को भी निकलेंगी।