कुठौंद थाना क्षेत्र के ग्राम नवासी निवासी रेखा देवी पत्नी सत्येंद्र सिंह चौहान शुक्रवार सुबह पति व बच्चों के साथ अपने मायके रामपुरा के जगम्मनपुर गांव जा रही थी। रामपुरा में ऊमरी बस स्टैंड पर रेखा ने बैग से रुपये निकालकर बच्चों को खाने पीने की सामग्री दिलाई और बाकी रुपये उसी बैग में रख दिए। इसी बीच प्राइवेट बस आ गई। जिसमें वह सभी जगम्मनपुर के लिए सवार हो गए। बस के कंडक्टर ने महिला के हाथ में पकड़े बैग को लेकर उसे अपनी जिम्मेदारी बता बस की डिकी में रख दिया।
जगम्मनपुर पहुंचने पर महिला ने डिकी से बैग निकलवाया और पति व बच्चों के साथ मायके पहुंच गई। घर पहुंचने पर जब वह कपड़े निकाल रही थी तो बैग का एक हिस्सा कटा हुआ पाया तो उसके होश उड़ गए। उसने पूरा बैग खाली किया तो उसमें रखे उसे 17 हजार रुपये नगद व एक जोड़ी सोने के बाला व पायल आदि गायब थे। सामान न पाकर वह हड़बड़ा गई और वह पति के साथ तुरंत रामपुरा थाना पहुंची, जहां उसने अपने साथ हुई टप्पेबाजी की तहरीर दी। पुलिस ने बस की तलाश शुरू कर दी है।