जालौन कोतवाली क्षेत्र के ग्राम धनौरा कला निवासी आयुर्वेद के चिकित्सक अखिलेश परिहार का बेटा सत्यप्रकाश परिहार (18) गुरुवार को अपनी कार से बहन देवभूति (20) व दोस्त अंजनी पाल (20) पुत्र प्रभुदयाल को साथ लेकर जालौन आया था। यहां काम निपटाने के बाद वह शाम करीब 6 बजे कार से घर जा रहा था। सत्यप्रकाश कार चला रहा था और उसके बगल वाली सीट पर अंजनी बैठा था, जबकि बहन देवभूति पीछे बैठी थी। छानी गांव के पास एक बोलेरो को ओवरटेक करते समय उसे कट लग गया, जिससे बोलेरो अनियंत्रित हो खंती में जाकर पलट गई।
उसमें बैठे बिरहरा निवासी ओमप्रकाश गुप्ता घायल हो गए। बोलेरो खंती में पलटते ही सत्यप्रकाश घबरा गया। हड़बड़ाहट में कार की रफ्तार बहुत तेज कर दी। तेज रफ्तार में कार जैसे ही छानी खास पहुंची तो सड़क किनारे खड़ी एक जेसीबी में घुस गई। टक्कर इतनी तेज थी कि कार से परखच्चे उड़ गए। हादसा होते ही वहां अफरा तफरी मच गई। आस पास मौजूद लोग दौड़ कर आए। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। जानकारी मिलते ही यूपी 100 वहां पहुंची। इसी बीच जालौन इंस्पेक्टर संजय गुप्ता भी फोर्स के साथ वहां पहुंच गए।
लेकिन तब तक सत्यप्रकाश की मौके पर ही मौत हो गई थी। अंजनी व देवभूति की सांसें चल रही थी। उन्होंने कार के दरवाजे काटकर बाहर निकाला गया। इसके बाद दोनों को सीएचसी भेजा गया, लेकिन रास्ते में अंजनी की मौत हो गई। उधर देवभूति के अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सक ने उसकी हालत नाजुक देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पुलिस ने क्रेन को बुलाया और कटर से कार को कई हिस्सों में कटवाकर शव बाहर निकाला। दोनों शवों को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कार अभी भी जेसीबी में ही फंसी थी, जिसे अलग करने के प्रयास किए जा रहे थे।