पूर्व सैनिक ने छत की संतीर से फंदा लगाकर इहलीला समाप्त कर ली।
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पढ़ाई छूटने से दुखी तहसील स्तरीय बसपा नेता के पुत्र ने अपने कमरे में लगे हुक के सहारे शनिवार की रात फांसी लगाकर जान दे दी। सुबह जब मां ने बेटे के शव को फांसी पर लटकता देखा तो वह चीख पड़ी, वहां ग्रामीणाें की भीड़ लग गई। सूचना पाकर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना क्षेत्र के गांव ताहरपुर निवासी बसपा के पूर्व तहसील अध्यक्ष हरचरण
ताहरपुरी के पास सरकारी राशन का कोटा था जो सपा सरकार आने के बाद करीब तीन साल पहले निरस्त हो गया था। उसके तीनों पुत्र बाहर पढ़ रहे थे। छोटा बेटा अमर्त्यसेन(20) जो कि कानपुर से बीएससी कर रहा था उसे पैसों की कमी के कारण घर बुला लिया। इससे वह कुंठित हो गया। शनिवार की रात पिता किसी काम से आजमगढ़ चले गए। घर वह व उसकी मां
विमला थी। देर रात मौका पाकर अमर्त्यसेन ने अपने कमरे में लगे हुक से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह जब मां की आंख खुली तो वह कमरे में गई। वहां बेटे को फांसी पर लटका देखकर चीख पड़ी। सूचना पाकर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थानाध्यक्ष रुद्र कुमार सिंह ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई
छूटने से युवक आहत था और इसी के चलते उसने फांसी लगा ली है। वह अन्य बिंदुआें पर भी जांच कर रहे हैं।
पत्नी से झगड़े के बाद ट्रेन से कटकर दी जान
पारिवारिक कलह से परेशान युवक ने शनिवार की देर रात ट्रेन के आगे छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। कालपी कोतवाली के गांव छौंक निवासी हरिशंकर मिश्रा के देवेंद्र मिश्रा (38) का किसी बात पर पत्नी से झगड़ा। बात इतनी बढ़ी कि देवेंद्र ने पत्नी की पिटाई कर दी और घर से चला गया। शनिवार की देर रात तक वह नहीं लौटा तो परिजनाें ने उसकी खोजबीन
की। उसका ट्रेन से कटा शव गांव के बाहर रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला। सूचना पाकर कोलपी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोतवाल सतेंद्र कुमार राठौर ने बताया कि युवक का पत्नी से विवाद हुआ था। उसी के गुस्से में उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया है।