बीती 28 जनवरी को थाना व कस्बा रेढ़र के युुवक के कथित धर्मांतरण के मामले में बजरंग दल के जिला संयोजक ने पुलिस के दबाव के चलते शुक्रवार को स्पेशल जज डकैती अनिल कुमार उपाध्याय की अदालत में फिल्मी अंदाज में आकर आत्मसमर्पण कर दिया। यहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। थाना व कसबा रेढर निवासी
दलित युवक संगम जाटव ने बजरंग दल के जिला संयोजक अखिलेश डीहा से कहा था कि रेढर के ही रहने वाले अवधेश सविता उसे नौकरी दिलाने के नाम पर बनारस ले गए और वहां उसका धर्मांतरण करवाया। इसके बाद अखिलेश अपने साथियाें के साथ रेढर पहुंचे और धर्मांतरण के आरोपी को पकड़कर उरई लाए। यहां उसके आधे सिर व मूंछ के बाल काटने के
बाद उसे गधे पर बिठाकर शहर में घुमाया था। मामले में बजरंग दल के 17 लोगाें पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी। आरोपी बनाए गए अखिलेश डीहा , कुलदीप गौर, अजय तिवारी, पंकज, चंदन आदि फरार हो गए थे। पुलिस ने आरोपियाें पर इनाम घोषित कर कोर्ट से कुर्की का भी आदेश ले लिया था। इस दबाव में शुक्रवार की सुबह करीब 11 बजे अखिलेश डीहा लग्जरी
गाड़ियाें के काफिले के साथ कोर्ट पहुंचे। इससे पहले कि कोई कु छ समझ पाता, वह सीधे स्पेशल जज डकैती अनिल कुमार उपाध्याय की अदालत में पहु़ंचे और वहां समर्पण कर
दिया। इस दौरान जिले की स्वाट टीम व कोतवाली पुलिस को भनक तक नहीं लगी। जज ने सुनवाई के बाद आरोपी अखिलेश डीहा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इस दौरान कानपुर व झंासी के बजरंग दल के कार्यकर्ता रामजी तिवारी, कुशलपाल, आशीष त्रिपाठी, हेमंत सेंगर, राजेश तोमर, मुकेश यादव, गौरव पांडे भी कोर्ट में मौजूद रहे।
फरार आरोपियाें पर पांच-पांच हजार रुपये इनाम
धर्मांतरण के मामले में बवाल के मामले में सात आरोपियों पर एसपी एन कोलंाचि ने पांच-पांच हजार रुपये इनाम की घोषणा की है। एसपी ने बताया कि 28 जनवरी को बजरंग दल के जिला संयोजक अखिलेश डीहा ने अपने साथी कुलदीप गौर निवासी बजरिया, अजय तिवारी निवासी पटेलनगर ,पंकज, चंदन, शैलेंद्र व गोल्टू उर्फ संदीप ने रेढर निवासी संगम जाटव के
कथित धर्मांतरण के मामले में अवधेश सविता को अपमानित किया था। मामले में अवधेश ने उरई कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपियाें की तलाश की लेकिन आरोपी फरार हो गए। एसपी एन कोलांचि ने फरार छह आरोपियाें पर पांच-पांच हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है।