घटनास्थल पर रोते बिलखते ज्योति के पिता
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उरई के पुराना पटेल नगर निवासी किसान रमाकांत दीक्षित की बेटी ज्योति (20) ने शुक्रवार शाम यमुना पुल से छलांग लगा दी। ज्योति बीएड प्रथम वर्ष की छात्रा थी। छलांग लगाने से पहले ज्योति ने राहगीर के मोबाइल से घर पर पिता को फोन कर बताया कि वह यमुना पुल से कूदने जा रही है। ज्योति को कूदते देख राहगीर भी सकपका गया और उसने तत्काल घटना की जानकारी पुलिस को दी। कुछ ही देर में पुलिस और ज्योति की तलाश करते हुए परिजन भी मौके पर पहुंच गए।
पुलिस ने गोताखोरों की मदद से ज्योति को बाहर निकाला लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। बेटी का शव आंखों के सामने देख पिता रमाकांत चीख पड़ा। परिवार के लोगों ने बड़ी मुश्किल से उन्हें संभाला। परिजनों के मुताबिक ज्योति तीन बहनों और एक भाई में सबसे छोटी थी। कोतवाल का कहना है कि पिता ने अभी कुछ नहीं बताया है, पर साथ आए नाते रिश्तेदारों का कहना है कि ज्योति मोबाइल अधिक इस्तेमाल करती थी, इसी कारण अक्सर घरवाले उसे टोकते थे। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है।
सुबह हलवा खिलाकर गई थी बिटिया
उरई स्थित घर पर मौजूद ज्योति के दादा हरिनारायण ने बताया कि बिटिया नवरात्र के व्रत रह रही थी, सुबह उसने घर पर सभी के लिए हलवा बनाया था और उन्हें भी देकर निकली थी। क्या पता था कि उसके जाने के बाद अब सिर्फ उसकी मौत की सूचना ही आएगी।
खबर सुनते ही हाथ से छूट गया फोन
शाम को जैसे ही रमाकांत के फोन पर ज्योति ने अपने आत्महत्या करने की बात बताई तो वह बेटी का नाम लेते हुए चीख पड़े और मोबाइल उनके हाथ से छूट गया। मां अनीता भी बेटी की मौत की खबर सुनकर बदहवास हो गई।