कोतवाली पुलिस के सामने सड़क पर अतिक्रमण करने वाले नगर पालिका के ठेकेदार ने सिटी मजिस्ट्रेट के साथ बीच सड़क पर हाथापाई कर दी। मौके पर मौजूद कोतवाल शिवगोपाल भी सिटी मजिस्ट्रेट के साथ हो रही अभद्रता पर हाथ बांधे खड़े नजर आए। बाद में सिपाहियों ने बीच बचाव किया।
सिटी मजिस्ट्रेट डीएम के निर्देश पर सड़क पर काबिज ईंट और मौरंग डालकर किए गए अवैध कब्जों पर अभियान चला रहे थे। हैरत की बात तो यह है कि बीच सड़क पर सिटी मजिस्ट्रेट के साथ अभद्रता के बाद भी कोतवाली पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा के बजाए आरोपी ठेकेदार व उसके भाई के खिलाफ सिर्फ शांतिभंग की कार्रवाई की।
जिलाधिकारी को लगातार शिकायतें मिल रही थी, कि शहर में कुछ अतिक्रमणकारियों ने मुख्य मार्गों के किनारे गुम्मा, गिटटी व मौरंग के डंप कर रखे है, इससे इन मार्गों पर जाम की स्थिति के अलावा हादसे भी होते है।
इन शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी ने सिटी मजिस्ट्रेट व उपजिलाधिकारी को अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। इसी कड़ी में बुधवार की दोपहर डीएम आवास के पास पहुंचे और रखे डंप को जब्त करने लगे। सूचना पाकर ठेकेदार व अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंच गया और उसने कार्रवाई का विरोध करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट व टीम से भिड़ गया। मामला वाद-विवाद से शुरू होकर हाथापाई तक पहुंच गया।
कोतवाली पुलिस मौके पर तो पहुंची, लेकिन सामने सिटी मजिस्ट्रेट से कहासुनी और धक्कामुक्की हो रही थी और कोतवाल मोबाइल पर बातें करते रहे। बाद में सिपाही ठेकेदार संत कुमार व राजेंद्र पुत्रगण चंद्रशेखर निवासी सुशील नगर को पकड़ लिया और थाने ले आई, जहां दोनों के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की गई।
इसके बाद टीम ने भारी पुलिस बल के साथ शहर के जालौन रोड से लेकर अंबेडकर चौराहे तक अभियान चलाया। जिसमें सड़क किनारे रखे गुम्मा व गिटटी को जब्त कर लिया। एसडीएम विकास कश्यप का कहना है कि सिर्फ झड़प हुई है, हाथापाई जैसी कोई बात नहीं हुई है। वहीं सिटी मजिस्ट्रेट पूरे मामले में कुछ भी कहने से बचते रहे।
सूत्रों की मानें तो पुलिस की हीलाहवाली की शिकायत डीएम तक से की गई है। लिहाजा जल्द ही कोई कार्रवाई हो सकती है। वहीं सिटी मजिस्ट्रेट का कहना है कि आरोपियों को पुलिस सुर्पुद करा दिया गया है। कोतवाल शिवगोपाल का कहना है कि हाथापाई नहीं हुई है, सिर्फ झड़प ही हुई है।