उरई (जालौन)। करीब एक सप्ताह पूर्व कुठौंद के एक गांव में बच्ची के साथ हुई दुष्कर्म और हत्या की घटना ने जनपद की पुलिस पर कई सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद पुलिस ने आनन फानन में दो आरोपियों के खिलाफ सिर्फ हत्या का मामला दर्ज किया और फिर 13 घंटे बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट आधार बनाकर मामले में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट भी जोड़ा, लेकिन ग्रामीणों के तेवर देख दोनों आरोपियों को जेल न भेज सकी। अब पुलिस ने जब हत्या का खुलासा किया है तो दुष्कर्म का पेंच फंस गया है।
डीआईजी के मुताबिक हत्या बच्ची के पिता ने ही की है, लेकिन दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। जबकि जनपद के एसपी स्वामी प्रसाद ने घटना वाली रात ही दुष्कर्म की पुष्टि का प्रेस नोट भी जारी किया। जिससे घटना का खुलासा भी लोगों के गले नहीं उतर रहा है। बता दें की बीते रविवार खेत पर बच्ची का शव मिलने पर पुलिस ने गांव के ही मोतीलाल और जाहर सिंह पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी और फिर दुष्कर्म की धारा भी जोड़ी थी। लेकिन गांव वाले दोनों को निर्दोष बता रहे थे जिस कारण पुलिस नए सिरे जांच कर रही थी। शुक्रवार को डीआईजी सुभाष सिंह बघेल ने पिता को बच्ची का हत्यारोपी तो बताया, लेकिन दुष्कर्म के सवाल पर पीएम रिपोर्ट की एक्सपर्ट जांच कराने की बात कही। जिसने जिले की पुलिस को कठघरे में खड़ा कर दिया है। जब दुष्कर्म हुआ ही नहीं तो फिर धारा कैसे जोड़ दी गई।
पुलिस के लिए चुनौती बनेगा मामला
कानून की जानकारों की मानें तो पुलिस ने भले ही मामले का खुलासा कर फिलहाल राहत की सांस ली हो लेकिन न्यायालय में बच्ची के पिता को दुष्कर्म की धारा के साथ अभियुक्त साबित करना किसी चुनौती से कम नहीं होगा। फोरेंसिक टीम भी कई बार जांच के बाद भी पुलिस साबित नहीं कर पाई पिता ने अपनी बेटी के साथ दुष्कर्म भी किया है। जबकि तीन डाक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची से दुष्कर्म की पुष्टि की थी।
पांच दिन तक पुलिस हिरासत में रहे बेगुनाह
पूरे कुठौंद में पुलिस की भूमिका को लेकर लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। बच्ची के पिता ने वारदात के बाद भले ही आरोपी मोतीलाल और जाहर सिंह का नाम लिया था, लेकिन पुलिस ने बिना किसी जांच के मामला दर्ज कर उन्हें पांच दिन तक थाने में ही रहने को मजबूर कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की लापरवाही की वजह से ही दोनों आरोपियों को पांच दिन तक पुलिस की कार्रवाई से गुजरना पड़ा। पूरे मामले के खुलासे के बाद थाने में पांच दिनों से बंद मोती और जाहर ही नहीं उनके परिवार के लोग भी बार-बार इसे भगवान का चमत्कार ही मान रहे हैं कि दोनों जेल जाते-जाते बच गए और उन्हें जल्द ही अपना घर भी मिलेगा।
डकैतों के साथ भी रहा है आरोपी पिता
पुलिस सूत्रों की मानें तो बच्ची के पिता का भले ही कागजों में कोई आपराधिक इतिहास अभी नहीं मिल रहा हो, लेकिन उसका डकैतों से काफी संबंध रहा है। बताया जाता कि बच्ची का पिता चर्चित डकैत मंगली केवट के गिरोह का सदस्य था और उसने गिरोह के साथ मिलकर न जाने कितनी वारदातों को अंजाम दिया है। ऐसा व्यक्ति कभी भी अपने परिवार के किसी भी सदस्य के साथ कुछ भी कर सकता है।