उरई। ओला कंपनी की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर 28 लाख की ठगी करने वाले दंपती को जालौन पुलिस, सर्विलांस, एसओजी की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया। दोनों ने जालौन के व्यापारी से ठगी की थी।
एसपी रवि कुमार ने सोमवार को खुलासा करते हुए बताया कि इसी साल 4 अगस्त को जालौन के मोहल्ला भवानीराम निवासी अरुण सिंह निरंजन ने कोतवाली पुलिस को अपने साथ 28 लाख रुपये की धोखाधड़ी होने की तहरीर दी थी। रिपोर्ट दर्ज कर खुलासे के लिए जालौन पुलिस, सर्विलांस, एसओजी को लगाया गया था।
टीम ने 10 सितंबर को बिहार प्रांत के जिले पटना के महेंद्रपुरम अपार्टमेंट से अभिमन्यु और उसकी पत्नी पपली को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में ठग दंपती नेे बताया कि वह लोग सोशल मीडिया पर प्रतिष्ठित कंपनियों का खुद ब्रांच मैनेजर बताते हैं और फिर लोगों को लुभावने ऑफर देकर उनसे ठगी करते हैं।
उनके पास से एक लैपटॉप, तीन मोबाइल, तीन एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं। गिरफ्तार करने वाली टीम में एसओजी प्रभारी अर्जुन सिंह, सर्विलांस प्रभारी योगेश पाठक, उपनिरीक्षक रजत सहित अन्य पुलिसकर्मी भी शामिल रहे।
लाखों की धोखाधड़ी का आरोप
उरई। दो लोगों ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर लाखों की धोखाधड़ी किए जाने का आरोप लगाया है।
जनपद के सिम्हारा कासिमपुर निवासी अनिल प्रजापति ने एसपी को शिकायती पत्र देकर बताया कि सितंबर 2020 में जमीन बेचने के नाम पर अजनारी गांव निवासी सुरतान सिंह ने डेढ़ लाख रुपये रक्षंदा देवी के बैंक खाते में डलवा दिए। उसने रुपये 07 अक्तूबर 2020 को खाते में डाले थे। अब वह लोग रजिस्ट्री करने में आनाकानी कर रहे हैं। रुपये वापस मांगे तो आश्वासन देते रहे। अब रुपये भी नहीं दे रहे हैं।
वहीं, कैलिया थाना क्षेत्र के बरौंदा कलां गांव निवासी राजेंद्र कुमार ने एसपी को बताया कि उसने अजनारी गांव में एक कच्चा बाड़ा खरीदा था। रुपये के लेनदेन को लेकर गोविंद प्रजापति ने उसके एटीएम आधार कार्ड का दुरुपयोग कर एक लाख रुपये निकाल लिए। गोविंद ने उक्त रुपये महिला फूलमाता के द्वारा निकलवा लिए। पीड़ितों ने एसपी से आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की। (संवाद)