उरई। अतिक्रमण अभियान के पहले दिन ही नगर पालिका के अधिकारियों को नोकझोंक का सामना करना पड़ा।
अतिक्रमण हटाने जेसीबी के साथ निकली टीम को पहले दिन अल्टीमेटम देकर वापस लौटना पड़ा। लोगों ने विरोध किया और फौरन फुटपाथ और सड़क के किनारे हटने से मना कर दिया। इस पर आठ जनवरी तक का अल्टीमेटम दिया गया है।
नगर पालिका द्वारा बुधवार को शहर के जिला परिषद से अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू हुआ। विकास भवन से कुछ दूर आगे ही अभियान को लेकर कुछ व्यापारी रोषित हो उठे। उन्होंने पहले से सूचना देने की बात कही और फिर अतिक्रमण हटाने को कहा। काफी देर अधिकारियों से नोकझोंक भी हुई। हालांकि फिर पालिका को उनकी बात माननी पड़ी।
जेसीबी के साथ अतिक्रमण हटाने निकली पालिका पहले आंबेडकर चौराहे तक और फिर शहीद भगत सिंह चौराहे होते हुए घंटाघर व मौनी बाबा मंदिर तक पहुंची। सभी जगह करीब 200 दुकानें सड़क के किनारे और फुटपाथ पर अस्थाई रूप से चिन्हित की गईं। इन सभी को आठ जनवरी तक अवैध कब्जा हटाने के लिए चेतावनी दी है।
हालांकि कुछ लोगों ने जेसीबी देख अपना सामान भी हटाया। कर अधीक्षक गणेश प्रसाद व कर निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि 14 दुकानों से करीब सात हजार रुपये जुर्माना वसूला गया है। अस्थाई दुकान लगाने वालों को आठ जनवरी तक के लिए अल्टीमेटम दिया गया है।