फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jalaun News: जान के दुश्मन बन गए शहर के नाले, जिम्मेदार बेफिक्र

Sat, 06 Apr 2024 01:34 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
विज्ञापन
विज्ञापन
उरई। शहर में जल निकासी के लिए बनाए गए नाले लोगों के लिए मुसीबत बन रहे हैं। हालत यह है कि नाले खुले होने से इन में गिरकर लोग अपनी जान भी गवां रहे हैं। दो दिन पूर्व नाले में गिरकर शिक्षक की मौत हो गयी थी।
विज्ञापन

नालों में गिरने से आएदिन होने वाले हादसों की वजह से लोगों की जान संकट में है। वहीं, कई बार जानवरों के गिरने की शिकायत आने के बाद भी कोई इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। जिससे लोगों में जिम्मेदारों के प्रति खासा रोष है।
शहर में करीब 55 नाले हैं, लेकिन कई नाले खुले पड़े हैं। जो लोगों के लिए दुश्वारियां पैदा कर रहे हैं। शहर के राठ रोड, बेरी बाले बाबा मजार, जालौन रोड, मैकेनिक नगर सहित दर्जनों नालों की स्थिति यह है कि नाला तो पूरे साल गंदगी से भरा रहता है। इस गंभीर विषय की ओर कोई ध्यान भी नहीं देता है।
विज्ञापन

इन क्षेत्रों से प्रतिदिन हजारों की संख्या में कई प्रतिष्ठित स्कूलों के बच्चों का भी आना जाना होता है। इसके पश्चात भी नगर पालिका प्रशासन की ओर से कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। जिससे अक्सर ही लोग गिर कर घायल हो जाते हैं।
नगर पालिका के कर्मचारियों की माने तो वह भी प्रतिदिन एक दो जानवरों को नाले से बाहर निकालते हैं। अक्सर हादसा होने के बाद भी कोई इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। जिससे बड़े हादसे का खतरा बना रहता है। तीन दिन पहले ही एट थाना क्षेत्र के वर्ध गांव निवासी शिक्षक भारत सिंह की खुले नाले में गिरने से मौत हो गई थी। इसके साथ ही जलौन रोड पर एक युवक की मौत हो गई थी। हादसे होने के बाद भी जिम्मेदारों के ध्यान न देने से लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि नालों के खुले होने से जहां हादसे की आशंका रहती है। तो वहीं मच्छरों का भी प्रकोप बढ़ रहा है।
हालांकि नियमों की बात करें तो नाला निर्माण के साथ ही इनको ढकने की व्यवस्था टेंडर प्रक्रिया में शामिल होती है। ईओ नगर पालिका गिरीश चंद्र का कहना है कि सभी नालों को ढकना मुमकिन नहीं है। फिर भी मोहल्ले के अंदर बने नालों को ढकने का इंतजाम किया जाएगा।
लोगों की बात
शहर के तुफैलपुरवा निवासी सगीर खां का कहना है कि आए दिन हो रहे हादसों के बाद भी जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। रात में सड़क किनारे निकलने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार मवेशी और पालतू जानवरों के नाले में गिरने से मौत हो जाती है।

राठ रोड़ इंदिरा नगर निवासी सुरेंद्र राजपूत का कहना है कि कुइया रोड पर मोड़ के पास पड़ने वाले नाले के खुले होने से उसमें लोग व जानवर गिर जाते हैं।कई बार हादसे हो चुके हैं। दर्जनों बार शिकायत भी की जा चुकी है। इसके बावजूद नालों को ढ़का नहीं जा रहा है। जिससे हादसों में बढोतरी हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें