फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jalaun News: एमएसपी पर खरीद के फरमान पर भड़के आढ़ती, हड़ताल का एलान

Mon, 08 Apr 2024 01:38 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
विज्ञापन
विज्ञापन
कोंच। अभी तक तो मामला केवल गेहूं की खरीद एमएसपी करने का था जिसके चलते आढ़तियों ने गेहूं नहीं खरीदने का फैसला लिया था, लेकिन बात अब और आगे बढ़ चुकी है। शासन ने चना, मसूर, लाही के लिए भी फरमान जारी किया है कि इन जिंसों की खरीद भी आढ़तिया एमएसपी पर ही कर सकेंगे, यदि इस रेट से कम पर किसानों की उपज खरीदी तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शासन के इस फरमान पर आढ़तिया परेशान है। उन्होंने इस फरमान के खिलाफ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का एलान किया है।
विज्ञापन

नवीन गल्ला मंडी में रविवार को गल्ला व्यापारी समिति की बैठक अध्यक्ष अजय रावत की अध्यक्षता में हुई। जिसमें मौजूद गल्ला आढ़तियों ने शासन के फरमान को व्यापारियों के प्रति तानाशाही रवैया बताते हुए सर्वसम्मति से फैसला लिया कि 8 अप्रैल से व्यापारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं और किसी भी जिंस की खरीद फरोख्त नहीं करेंगे। बैठक में अरविंद अग्रवाल, राहुल तिवारी, जयप्रकाश मुखिया, प्रतीक मिश्रा, राममोहन रिछारिया, अखिलेश बबेले, पुत्तूलाल पड़री, राममोहन लोहिया, अंशुल मिश्रा, सुमित, संतोष, इरफान, जितेंद्र, ध्रुव प्रताप सिंह, रामबिहारी, सतीश राठौर, रामराजा, जगदीश प्रसाद, हरीशंकर लोहिया, विक्रम, राकेश, सीताशरण आदि व्यापारी मौजूद रहे।
बैठक के बाद व्यापारियों ने एक ज्ञापन मंडी सचिव को दिया। जिसमें 8 अप्रैल से अनिश्चितकाल के लिए व्यापार कार्य बंद रखने की बात कही गई है। एसडीएम सुशील कुमार सिंह ने मंडी जाकर गल्ला व्यापारियों को दो टूक कहा कि गेहूं के साथ साथ अन्य जिंसों की खरीद भी एमएसपी या इससे ऊपर के भाव पर खरीदेंगे, अगर एमएसपी से कम पर किसानों की उपज खरीदी तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम ने मंडी प्रशासन को भी निर्देश दिए हैं कि वे इस पर नजर रखें कि कोई एमएसपी से नीचे खरीद न कर पाए, अगर कोई करता है तो उन्हें सूचना दें।
विज्ञापन






एसडीएम सुशील कुमार सिंह ने कहा कि किसान की उपज को एमएसपी से कम रेट पर नहीं बिकने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि व्यापारियों ने अनिश्चितकालीन मंडी बंद कर जो भी घोषणा की है उसकी उन्हें जानकारी नहीं है और न किसी व्यापारी ने बताया है। एसडीएम ने स्पष्ट कहा कि जिस जिंस की डाक बोली जाए वह वह एमएसपी से कम न हो और फिर व्यापारी उस जिंस को एमएसपी रेट में खूब खरीदें। कई जिंसों पर तो एमएसपी रेट व मंडी रेट में 1000 रुपये से अधिक का अंतर है।






ये स्थिति है बाजार भाव और एमएसपी की

कोंच। व्यापारियों द्वारा की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल के पीछे की बड़ी वजह यह है कि कई जिंसों के बाजार भाव और एमएसपी में एक हजार तक का अंतर है। लाही, मसूर जैसी जिंसे खरीदना उनके लिए घाटे का सौदा होगा। मसूर का खुले बाजार में भाव 5400 है। जबकि एमएसपी 6425, लाही 4800 खुले बाजार में बिक रही है और इसका एमएसपी 5450 है। इसी प्रकार गेहूं का एसएसपी रेट 2275 है, जबकि बाजार में यह 2000-2100 बिक रहा है। चना जरूर बाजार में एमएसपी से ऊपर बिक रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें