उरई। जालौन-उरई हाईवे पर बाइक सवार अचानक नील गाय के सामने आने से टकरा गए। हादसे में पिता-पुत्री की मौत हो गई और पत्नी व बेटा घायल हो गए। यह हादसा रविवार सुबह लगभग 10 बजे उरई कोतवाली क्षेत्र के बोहदपुरा के पास हुआ। पुलिस ने पुत्री का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, जबकि परिजनों ने पिता का पोस्टमार्टम नहीं कराया है। बाइक चालक हेलमेट नहीं लगाए था।
कुठौंद थाना क्षेत्र के एकों गांव निवासी जितेंद्र सिंह (43) रविवार को पत्नी लक्ष्मी (40), पुत्री राधा (11) और पुत्र लव (2) के साथ बाइक से किसी काम से उरई आ रहे थे। उनकी बाइक जैसे ही उरई-जालौन हाइवे पर कोतवाली क्षेत्र के बोहदपुरा और कुकरगांव के बीच पहुंची तभी बाइक के सामने अचानक नीलगाय आ गई। इससे उनकी बाइक नीलगाय से टकरा गई। जिससे चारों सड़क पर उछलकर गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे में पिता-पुत्री को अधिक चोटें आईं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने चारों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने पिता-पुत्री को मृत घोषित कर दिया। घटना का पता चलते ही घर में कोहराम मच गया। परिजनों ने बताया कि जितेंद्र की पांच पुत्री और एक पुत्र है। वह मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता था। उसकी मौत से परिजन रो-रोकर बेहाल हैं।
लक्ष्मी के ऊपर टूटा दुखों का पहाड़
उरई। सड़क हादसे में पिता-पुत्री की मौत के बाद से जहां गांव में मातम पसरा है। वहीं, पिता का शव पहुंचते ही घर में मौजूद परिजनों में चीख-पुकार मच गई है। दंपति सुबह हंसी खुशी से घर से बच्चों के साथ निकले थे। वहीं घर में मौजूद अन्य बच्चों से शाम तक घर लौट आने का आश्वासन दे गए थे। किसी को क्या पता था कि वह अब घर लौटकर नहीं आएंगे। जितेंद्र मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता था। इसके अलावा उसके पास आय का कोई दूसरा साधन नहीं है। पति की मौत हो जाने के बाद जहां पांच बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया वहीं मां लक्ष्मी पर बच्चों की परवरिश और उनके भरण पोषण की समस्या खड़ी हो गई है। वह घायल होने के बाद भी रो रोकर कह रही है कि भगवान उसको मौत दे देते लेकिन बच्चों के पिता को न छीनते।