कदौरा। बरसात के पानी को सहेजने और भूगर्भ जलस्तर बढ़ाने के उद्देश्य से ब्लॉक क्षेत्र के गांव में 30 से अधिक अमृत सरोवर बनाए गए थे। पिछले वर्ष शासन ने सुंदरीकरण और निर्माण के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए थे। जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते अभी तक काम पूरा नहीं हुआ है।
ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत जमरेही में लाखों रुपये की लागत से बने अमृत सरोवर तालाब की बाउंड्रीवॉल व घाट चटक गए हैं। बिछाई गई इंटरलॉकिंग भी धंस गई है। लगाए गए पौधे भी गायब हैं। भीषण गर्मी में तालाब में गंदगी के साथ-साथ काई लगी है। तालाब भी सूखा पड़ा है। ग्रामीणों को मवेशियों को पानी पिलाने के लिए सरकारी संसाधनों की बजाय खुद के संसाधनों की व्यवस्था करनी पड़ रही है। ग्राम पंचायत के छोटेलाल, शिवपूजन, धनुकिया,सावित्री आदि ने बताया कि ग्राम पंचायत में जमरेही के अलावा लोदीपुर और गोहना मजरे जुड़े हुए है। सात तालाब है, सिर्फ दो तालाब में थोड़ा थोड़ा पानी है।
मवेशी भी पानी नहीं पी सकते है। गांव में दो बार आगजनी की घटना हो चुकी है। सचिव प्रशांत सुभाष ने बताया कि तालाबों में पानी भरवाने के लिए नलकूप संचालकों से बात हो गई है, जल्द पानी भरवा दिया जाएगा। अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी लोकेंद्र सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। वह खुद निरीक्षण कर अमृत सरोवर तालाब को सही कराएंगे।
12 लाख से अधिक में हुआ अमृत सरोवर तालाब का निर्माण
शासन ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में ग्राम पंचायत जमरेही में धुबइया तालाब के सुंदरीकरण के लिए 12 लाख 79 हजार 568 रुपये की लागत से निर्माण कराया गया था। मनरेगा एक्ट के तहत निर्माण से पहले आईएसबी बोर्ड लगाने का प्रावधान है,लेकिन तालाब के आसपास आईएसबी बोर्ड नहीं लगा है। अमृत तालाब की हालत दयनीय है।