कदौरा। बरसात के पानी को सहेजने और भूगर्भ जलस्तर बढ़ाने के उद्देश्य से ब्लॉक क्षेत्र के गांवों में 28 अमृत सरोवर बनाए गए थे। शासन ने सुंदरीकरण और निर्माण के लिए करोड़ों रुपये पिछले वर्ष खर्च किए थे। जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते अभी भी काम पूरा नहीं हुआ है।
ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत नाका में लाखों रुपये की लागत से बने अमृत सरोवर तालाब की चहारदीवारी व घाट चटक गए हैं। बिछाई गई इंटरलॉकिंग भी धंस गई है। लगाए गए पौधे गायब हैं तो लकड़ी के ट्री-गार्ड शोपीस बने हुए हैं। भीषण गर्मी में तालाब भी सूखा पड़ा है। ग्रामीणों को मवेशियों को पानी पिलाने के लिए सरकारी संसाधनों के बजाय खुद के संसाधनों से व्यवस्था करनी पड़ रही है।
यही हाल खुटमिली गांव स्थित अमृत सरोवर तालाब का भी है। ग्राम पंचायत सचिव अभिषेक यादव ने कहा कि नहर में पानी आते ही तालाब भरवाया जाएगा। बीडीओ अश्वनी कुमार सिंह ने कहा कि सचिवों से तालाबों की रिपोर्ट मांगी है। जिन तालाबों में पानी नहीं है उनमें तत्काल पानी भरवाया जाएगा। निर्माण में लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।