उरई। तहसील में लेखपालों की लापरवाही का एक और किस्सा सामने आया है। आरोप है कि आलसी रवैया व मिलीभगत करते हुए लेखपाल ने बिना जांच के ही एक रिपोर्ट तैयार कर दी। बड़ी बात यह है कि संपत्ति में हिस्सेदारी के लिए जिस पीड़िता ने तहसील में आवेदन किया, लेखपाल ने उस पर रिपोर्ट बनाते हुए उसके पिता को ही उसका दिवंगत पति दिखा दिया। इससे पीड़िता ने रोष जताते हुए जिलाधिकारी से शिकायत की है। इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है।
कोटरा निवासी लक्ष्मी देवी के पिता मेवालाल की 2017 में मृत्यु हो चुकी है। उसके दिए प्रार्थना पत्र के अनुसार पिता के निधन के बाद वह अपनी बहन के यहां जयपुर रहने चली गई थी। उसके बाद उसके भाइयों ने पिता की चार बीघा जमीन को अपने नाम करा लिया। जब उसने संपत्ति में हिस्सा मांगा तो भाई झगड़े पर उतारू हो गए। उसकी शादी नहीं हुई थी। इसलिए वह अपने पिता की संपत्ति में खुद को हकदार मानते हुए न्याय मांगने तहसील चली गई। यहां उसने आवेदन किया और जांच की मांग की। आरोप है कि क्षेत्रीय लेखपाल देवेंद्र गौतम ने जांच आख्या रिपोर्ट में उसके दिवंगत पिता को ही उसका पति दर्शा दिया। इस लापरवाही नाराज पीड़िता ने डीएम से शिकायत की। आरोप है कि लेखपाल ने उसके भाइयों के साथ मिली भगत करते हुए यह रिपोर्ट तैयार की है। वहीं लेखापाल देवेंद्र गौतम का कहना है कि खतौनी में आवेदक युवती के तीन भाइयों और उसकी मां का नाम दर्ज है। उन्हें सलाह देते हुए पहले ही बता दिया गया है कि वह सक्षम न्यायालय में वाद दायर कर अपनी बात रख सकती हैं।