उरई। जर्जर केबल से घर में उतरे करंट से एक व्यक्ति झुलस गया था। जब लाइनमैन को सप्लाई बंद करने के लिए कॉल की गई तो उसने फोन नहीं उठाया। मोहल्ले वालों ने हंगामा किया था। इस घटना को अमर उजाला ने प्रकाशित किया था। जिसके बाद जांच बैठाई गई। जिसमें दो लाइनमैन और बिजली घर में तैनात एसएसओ की गलती मानी गई। जिन पर कार्रवाई हुई। इसके साथ ही जेई और एसडीओ को भी नोटिस दिया गया है।
शहर में रविवार की सुबह शिवपुरी में जर्जर केबल से एक घर में करंट उतर गया था। छत पर टहल रहे दुर्गा प्रसाद को करंट लग गया था। जिसके बाद मोहल्ले वालों ने हंगामा किया और आरोप लगाया कि जर्जर केबल से आए दिन घरों में करंट आता रहता है। जर्जर केबल घरों से सटी हुई लगी हुई हैं। जिनको बदलवाया नहीं जा रहा है। करंट आने या फॉल्ट होने की सूचना जब लाइनमैन और जेई को दी जाती है तो उनका कॉल नहीं उठता है। हंगामे की सूचना पर एसडीओ रिषभ राजपूत और जेई मुकुल वर्मा मौके पर पहुंचे थे। जिन्होंने लोगों को केबल बदलवाने का आश्वासन दिया था। जिसके बाद हंगामा बंद हुआ था। इसके बाद विभाग ने 24 घंटे के अंदर केबल को बदलवा दिया गया। लेकिन मोहल्ले वालों ने हंगामे के बाद ज्ञापन डीएम को दिया था।
इस खबर अमर उजाला ने रविवार और सोमवार के अंक में प्रकाशित किया था। जिस पर डीएम ने विभाग से जवाब मांगा। इस पर अधीक्षण अभियंता आर के यादव ने अधिशासी अभियंता और एसडीओ से जवाब मांगा। जवाब संतुष्ट नहीं होने के बाद दो लाइनमैन को हटा दिया गया और एसएसओ की सेवा समाप्त की गई। वहीं जेई और एसडीओ को नोटिस भेजा गया। जिस पर विभाग में खलबली मच गई। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि अमर उजाला की खबर को संज्ञान में लेकर इस मामले की जांच की गई थी। जिसमें जो दोषी पाया गया उस पर कार्रवाई कर दी गई है। बड़ी लापरवाही थी। आगे से चेतावनी दी गई है। कोई लापरवाही न हो, नहीं तो कार्रवाई इससे बड़ी होगी।