कुठौंद। ब्लाक के चौथ में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथा वाचन ने भक्तों को कथा का रसपान कराते हुए कहा कि बुराई करने वाला मनुष्य कभी सफल नहीं हो पाता है। इसके बाद उन्होंने भगवान की माखन लीला व गोवर्धन पूजा की कथा सुनाई।
चौथ में चल रही कथा में दूसरे दिन कथा वाचक आचार्य विपिन मणि ब्रह्मचारी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने पृथ्वी पर धर्म और सत्य की पुन: स्थापना के लिए द्वापर युग में अवतार लिया। उन्होंने बाल्य अवस्था में ही कालिया नाग का मर्दन करके यमुना जी को पवित्र किया, पूतना और बकासुर आदि मायावी शक्तियों का अंत किया।
उन्होंने कहा कि एक बार इंद्र को अपनी ताकत पर घमंड हो गया था तो उन्होंने ब्रज में भारी वर्षा कर दी थी। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठा लिया था। इस दौरान परीक्षित पृथ्वीराज सिंह राजावत व राजकुमारी के साथ ग्रामीण जयचंद सिंह, मनोज सिंह, अश्वनी सिंह ,पुष्पेंद्र सिंह, नरेंद्र प्रताप सिंह, वीरेंद्र प्रताप, विक्रम प्रताप, रविंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।