उरई। किशोरी के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में पांच साल बाद पीड़ित पक्ष को न्याय मिला है।
विशेष न्यायाधीश मोहम्मद कमर की पॉक्सो कोर्ट में आरोप सिद्ध होने पर दोषी को 20 साल के कारावास की सजा सुनाई गई। उस पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास होगा।
शासकीय अधिवक्ता ब्रजराज सिंह राजपूत ने बताया कि शहर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी पीड़ित पिता ने पुलिस को तहरीर दी थी। बताया था कि दो जनवरी 2019 को मोहल्ले के ही मानवेंद्र बेलदार उसकी 15 वर्षीय बेटी को बहलाकर ले गया था। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर दोनों की तलाश शुरू की थी। जब इसकी जानकारी आरोपी को हुई तो वह किशोरी को थाने के बाहर छोड़कर भाग गया।
पुलिस ने किशोरी का मेडिकल परीक्षण और कोर्ट में बयान दर्ज कराएं। यहां किशोरी ने बताया कि आरोपी ने उसके साथ चार माह तक दुष्कर्म किया। पुलिस ने दुष्कर्म की धारा को बढ़ाते हुए आरोपी को 28 जून 2019 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उसके खिलाफ उसी साल दो जुलाई को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। शुक्रवार को दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस के बीच सुनवाई पूरी हुई। इसमें साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर दोषी को सजा सुनाई गई।