उरई। किशोरी के साथ दुष्कर्म करने के मामले में दोष सिद्ध होने पर विशेष न्यायाधीश मोहम्मद कमर ने युवक को 20 साल कैद की सजा सुनाई। साथ ही 40 हजार रुपए अर्थदंड भी लगाया।
शासकीय अधिवक्ता बृजराज सिंह राजपूत ने बताया कि कैलिया थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पिता ने गांव के ही दीपक प्रजापति पर आरोप लगाया था कि उसकी 15 वर्षीय बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। घटना 23 मार्च 2017 की है। बेटी के गायब होने की जानकारी जब पिता को हुई तो उसकी काफी खोजबीन की गई थी।
उसका पता न चलने पर पिता ने पुलिस से शिकायत की थी। पुलिस ने मामला पंजीकृत कर लिया था। पुलिस ने किशोरी को खेजने के लिए कई जगह दबिश दी थी। पुलिस ने दोनों को थाना क्षेत्र की एक पुलिया से बरामद कर युवक को जेल भेज दिया था। किशोरी को मेडिकल परीक्षण कराने के बाद मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराने के लिए पेश किया गया। जिसमें किशोरी ने बताया था कि दीपक प्रजापति उसे घर से बहला-फुसलाकर ले गया था और उसके साथ दुष्कर्म किया था।
पुलिस ने दीपक के खिलाफ दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट की धारा की बढ़ोतरी की थी। पुलिस ने युवक के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की। शनिवार को मामले की सुनवाई पूरी हुई। जिसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के बीच जिरह, गवाहों के बयानों व साक्ष्य के आधार पर विशेष न्यायाधीश मोहम्मद कमर ने दीपक प्रजापति को किशोरी से दुष्कर्म करने में मामले में दोषी पाते हुए 20 साल की सजा सुनाई। साथ ही 40 हजार रुपए जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।