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Sonbhadra: अवैध संबंधों में आड़े आ रहा था पति, पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर दी खौफनाक मौत, ऐसे खुला हत्या का राज

Mon, 02 Jan 2023 04:50 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र

सार

सोनभद्र जिले में दो दिन पहले हुए आरा मशीन संचालक की हत्या को लेकर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया। युवक की हत्या मामले में उसकी पत्नी और चचेरे भाई को गिरफ्तार किया गया। अवैध संबंध में आड़े ने पर आरा मशीन संचालक की हत्या की गई थी। 
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सोनभद्र एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने किया खुलासा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपी के सोनभद्र जिले में दो दिन पहले हुए आरा मशीन संचालक हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया। पुलिस ने मृतक की पत्नी और उसके चचेरे भाई को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दावा किया है कि दोनों में पिछले दो वर्ष से अवैध संबंध था। पति को इसकी भनक लगने के कारण महिला ने चचेरे देवर के साथ मिलकर उसकी हत्या करा दी। पुलिस ने दोनों के पास से घटना में इस्तेमाल चाकू भी बरामद किया है। पूछताछ के बाद उन्हें संबंधित धाराओं में जेल भेज दिया गया।

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उत्तर मोहाल में आरा मशीन संचालक बृजेश देव पांडेय उर्फ दीपू की 30 दिसंबर की रात घर में सोते समय चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू की। सोमवार को एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने बताया कि हत्या के खुलासे के लिए एएसपी मुख्यालय कालू सिंह व सीओ सिटी राहुल पांडेय के पर्यवेक्षण में टीम गठित की गई थी।

एकसाथ गिरफ्तार हुए देवर-भाई

परिवार के अन्य सदस्यों से पूछताछ और सर्विलांस सेल की मदद से हत्या से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य हाथ लगे। इस आधार पर मृतक की पत्नी आराधना पांडेय व बुड़हर कला निवासी चचेरे भाई विकास देव पांडेय को सोमवार सुबह बिच्छी गांव के पास से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में दोनों ने हत्या की बात स्वीकार की।

एसपी ने बताया कि आराधना का अपने चचेरे देवर विकास से अवैध संबंध था। पति बृजेश को इसकी भनक लग गई थी। इस कारण अक्सर पति-पत्नी में विवाद होता रहता था। इसी से आजिज होकर आराधना ने चचेरे देवर विकास के साथ मिलकर बृजेश की हत्या की योजना बनाई और 30 दिसंबर की रात उसे अंजाम दे दिया। विकास ने चाकू से अपने चचेरे भाई बृजेश के गले पर कई प्रहार किए।

पुलिस ने पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को संबंधित धाराओं में चालान कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार करने वाली टीम में कोतवाली प्रभारी बालमुकुंद मिश्र, आरक्षी अजय कुमार मौर्य, दीपक गिरी, महिला आरक्षी सुनीता यादव शामिल रहीं। पुलिस टीम को एसपी ने दस हजार रुपये नकद से पुरस्कृत किया।

पुलिस को इस कारण शुरू से था पत्नी पर शक

बृजेश को तीन बच्चे हैं। इसमें दो बेटियां और सबसे छोटा बेटा है। हत्या के बाद पुलिस ने बेटियों से घटना के बारे में जानकारी ली थी। सीओ सिटी राहुल पांडेय को बेटियों ने बताया कि पापा नशे के आदि थे। उनका मम्मी से अक्सर विवाद होता था। वह मारपीट भी करते थे। इस जानकारी के बाद पुलिस ने पत्नी को ही शक के घेरे में रखकर छानबीन शुरू की।

मोबाइल सर्विलांस पर लगाकर कॉल डिटेल खंगाला गया, जिससे हत्या का राजफाश हुआ। पुलिस का शक इस कारण से भी गहरा हुआ कि चाकू से पति की गर्दन रेते जाने के बाद भी बगल के कमरे में सो रही पत्नी को इसकी भनक भी नहीं लगी।   
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चाकू से किए गई वार, ताकि बच न सके जान

एसपी ने बताया कि आराधना और उसके प्रेमी चचेरे देवर विकास ने बृजेश की हत्या की पूरी योजना मोबाइल फोन पर तैयार की थी। बृजेश के प्रति दोनों के मन में इस कदर नफरत भरी थी कि वह उसे किसी भी तरह जिंदा नहीं छोड़ना चाहते थे। लिहाजा मिलकर चाकू से बृजेश की गर्दन पर कई वार किए, जिससे उसकी जान बच न सके। 
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