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Hathras: सत्संग के लिए जमीन देने वाले युवक ने दी गवाही, आठ-दस लोगों के साथ आए थे कमेटी अध्यक्ष

Thu, 02 Apr 2026 10:15 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

संतोष कुमार ने बताया कि सत्संग की अनुमति ली गई थी, लेकिन वे तैनात पुलिस बल व लोगों की संख्या नहीं बता सके। गवाह ने बताया कि किसी व्यक्ति ने चरण रज लेने की घोषणा की थी, लेकिन उन्होंने केवल सुना था, किसी को देखा नहीं था।

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हाथरस में सत्संग हादसा - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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दो साल पहले हुए हाथरस सत्संग हादसे के मामले में 2 अप्रैल को गांव फुलरई के संतोष कुमार ने न्यायालय में अपने बयान दर्ज कराए। गौरतलब है कि सत्संग में भगदड़ मचने से 121 लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस ने आयोजकों को घटना की जिम्मेदार ठहराते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी और 11 लोगों के खिलाफ 3200 पेज की चार्जशीट दाखिल की थी। प्रकरण में 676 गवाह हैं और अगली तिथि नौ अप्रैल लगाई गई है।

संतोष कुमार पेशे से मजदूर हैं। मजदूरी से ही वे परिवार का भरण-पोषण करते हैं। जिस जगह पर दो जुलाई 2024 को सत्संग हुआ, उसमें से कुछ भूमि संतोष की भी थी। संतोष ने न्यायालय को बताया कि वह जमीन का पट्टेदार है और सत्संग से 10 दिन पहले कमेटी के अध्यक्ष देवप्रकाश मधुकर व सुशील कुमार आठ-दस लोगों के साथ उनके घर आए थे तथा सत्संग के लिए जमीन देने का आग्रह किया था।

इनमें दो लोग उनके परिचित भी थे। सत्संग से लोगों में सद्भाव व परस्पर प्रेम बढ़े, इसलिए उन्होंने जमीन दे दी थी। संतोष कुमार ने बताया कि सत्संग की अनुमति ली गई थी, लेकिन वे तैनात पुलिस बल व लोगों की संख्या नहीं बता सके। गवाह ने बताया कि किसी व्यक्ति ने चरण रज लेने की घोषणा की थी, लेकिन उन्होंने केवल सुना था, किसी को देखा नहीं था।

घटना स्थल पर किसी व्यक्ति से मारपीट नहीं की गई थी। सत्संग स्थल के दूसरी ओर गड्ढा था, जिसमें पानी भरा हुआ था और फिसलन थी। प्रशासन ने उधर जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग नहीं की थी। भीड़ के दबाव में लोग उसी गड्ढे में फिसलते चले गए।

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