हाथरस। नगर पालिका प्रशासन और डूडा ने कई साल पूर्व सार्वजनिक शौचालय इस उद्देश्य से बनवाए थे कि आसपास के लोग उनका लाभ उठा सकें, लेकिन अब इसका उल्टा ही हो रहा है। डूडा और पालिका प्रशासन की अनदेखी से इन पर अवैध कब्जे हो गए हैं और साफ-सफाई के अभाव में अब यह खंडहर में तब्दील होते जा रहे हैं। ‘अमर उजाला’ ने शहर के सार्वजनिक शौचालयों का जायजा लिया तो भूरापीर-लाल डिग्गी और अन्य जगहों पर बने सार्वजनिक शौचालयों पर कब्जों की गिरफ्त में थे। भूरापीर-लाल डिग्गी के निकट बने शौचालय में परिवार रह रहा है और उनसे इसका किराया भी वसूला जा रहा है। कुछ अन्य मोहल्लों में भी लोग शौचालय की जगह पर कब्जे का आरोप लगाते रहे हैं। कब्जों की वजह से जरूरतमंद लोग इन शौचालयों का उपयोग नहीं कर पा रहे और उन्हें खुले में शौच के लिए मजबूर होना पड़ता है। शिकायतों के बावजूद कोई नतीजा नहीं निकला है।-------सार्वजनिक शौचालय पर काफी समय से कब्जा हो रहा है। पालिका को इस ओर ध्यान देना चाहिए और यहां धर्मशाला का निर्माण कराया जाए। - करीम, लाल डिग्गी- सार्वजनिक शौचालयों पर कब्जे हो रहे हैं। शौचालय जनता के लिए बने हैं उन्हें प्रयोग के लायक बनाया जाए, ताकि जरूरतमंद लोग इनसे लाभ उठा सकें। गरीब लोग खुले में शौच को मजबूर हैं।- महेश चंद्र, सभासद।- भूरापीर-लाल डिग्गी के सार्वजनिक शौचालय पर पिछले काफी समय से कब्जा हो रहा है। इस संबंध में पालिका में कई बार शिकायत की गई है। अधिकारियों को इस ओर कठोर कार्रवाई करते हुए ध्यान देना होगा। - मनीष अग्रवाल, सभासद। - सार्वजनिक शौचालय के लिए नगरपालिका ने केवल जमीन दी है। कई दशक पूर्व जमीन पर शौचालय का निर्माण डूडा विभाग ने कराया था। देखरेख की जिम्मेदारी भी डूडा की है। पालिका का इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं है। - वासुदेव माहौर, चेयरमैन प्रतिनिधि।