कस्बा स्थित कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र पर बृहस्पतिवार को अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। महिला प्रशिक्षुओं ने नारी सशक्तीकरण के लिए महिलाओं को जागरूक करने के लिए विचार प्रकट किए। संगोष्ठी की अध्यक्षता कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र के प्रबंधक देवेश फौजदार ने एवं संचालन कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र की प्रशिक्षिक प्रीति चौधरी ने किया।
प्रशिक्षु सोनिया वार्ष्णेय ने कहा कि नारी देश की तरक्की का आधार है। अब वह समय आ गया है कि सभी को उनके प्रति अपने विचारों में बदलाव लाना चाहिए। वह अब चूल्हा चौका तक सीमित नहीं रही हैं। वह देश के हर कोने में हर विभाग में अपनी योग्यता साबित कर रही है। प्रशिक्षु जिज्ञासा बघेल ने कहा कि अब हमें इस पुरुष समाज में फैली रूढि़वादी मानसिकता से बाहर आना है। इसके लिए हम सभी मिलकर महिलाओं को उनके हक के लिए जागरूक करें, जिससे वह लड़की और लड़के में भेदभाव करना बंद करें।
प्रशिक्षु कुमकुम गुप्ता ने कहा कि अब समय आ गया है कि प्रत्येक मां-बाप के साथ यह समाज अपनी बच्चियों के साथ भेदभाव करना छोड़े। उनको अच्छी शिक्षा दिलाए, जिससे आगे चलकर वह उनका नाम रोशन करें। प्रशिक्षु पवित्रा ने कहा कि आजकल नारी देेश के विकास अपना योगदान दे रही है। वह विदेशों में देश का प्रतिनिधित्व कर देश का गौरव बढ़ा रही हैं। यह सब देखकर ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले हर मां-बाप को अपनी बच्चियों को पढ़ाने के लिए भेजना चाहिए। उनको देश हित में उच्च पदों पर बैठी महिलाओं के उदाहरण देकर प्रेरति करना चाहिए।
प्रशिक्षु फिजा खान ने कहा कि हमें पुरानी रूढि़वादी विचारधारा को छोड़ नई विचारधारा अपनानी चाहिए। बेटियों को शिक्षा ग्रहण कर अपने पैरों पर खड़े होने सतत प्रयास करते रहना चाहिए। प्रशिक्षु गीता बघेल ने कहा कि समाज को यह दिखाना है कि हम पुरुषों से किसी बात में कम नहीं हैं। प्रशिक्षक प्रीति चौधरी ने संगोष्ठी में शामिल सभी प्रशिक्षुुओं को पढ़ाई-लिखाई के साथ कंप्यूटर आदि में विशेष योग्यता हासिल करने के लिए प्रेरति किया। प्रशिक्षु खुशी, मानसी, काजल, प्रियंका, शीतल, आशिया, सोनम, उमा, शिवानी आदि ने भी अपने विचार प्रकट किए। इस मौके पर थान सिंह, नरेंद्र सिंह, चित्रवीर सिंह, दिनेश चंद्र, सुनील यादव, अंजली, शीतल, साधना आदि मौजूद थे। अंत में प्रशिक्षण केंद्र के प्रबंधक देवेश फौजदार ने सभी का आभार प्रकट किया। इसके बाद सभी ने नारी के अंदर नारी के उत्थान के लिए एवं उसे जाग्रत करने के लिए शपथ ली।