फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस: हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कदमताल कर रहीं महिलाएं, चूल्हा-चौका तक नहीं सीमित

Fri, 08 Mar 2024 12:58 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

हाथरस जनपद की कुछ महिलाएं रोडवेज बसों में बेबाकी से परिचालक का कार्य कर रहीं हैं। वहीं, दूसरी ओर ई-रिक्शा आदि चलाए जाने में भी वह पीछे नहीं हैं। अंतराष्ट्रीय महिला दिवस पर हम कुछ ऐसी चर्चित महिलाओं से रूबरू करा रहे हैं... 
विज्ञापन
ई रिक्शा चालक सुनीता देवी - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चूल्हा, चौका तक सीमित रहने वाली महिलाएं अब पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। कई क्षेत्र में तो महिलाएं पुरुषों से भी आगे निकल रही हैं।  शिक्षा, चिकित्सा, समाजसेवा में तो काफी समय से महिलाएं अपना परचम लहरा रही हैं, लेकिन अब ऐसे कार्यों में भी महिलाएं अपनी पहचान बना रही हैं जो सिर्फ पुरुष प्रधान हैं। जनपद की कुछ महिलाएं रोडवेज बसों में बेबाकी से परिचालक का कार्य कर रहीं हैं। वहीं, दूसरी ओर ई-रिक्शा आदि चलाए जाने में भी वह पीछे नहीं हैं। अंतराष्ट्रीय महिला दिवस पर हम कुछ ऐसी चर्चित महिलाओं से रूबरू करा रहे हैं... 

विज्ञापन


बेबाकी से ई-रिक्शा चलाकर जीवन यापन कर रहीं सुनीता देवी
हाथरस में सासनी के गांव जरैय्या गदाखेड़ा की रहने वाली सुनीता देवी महिलाओं के लिए बड़ी प्रेरणा साबित हो रही हैं। ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं। अन्य को भी ई-रिक्शा चलाना सिखाने के साथ ही गांव की उन्नति में सहायक बना रही हैं। सुनीता शुरू से ही कुछ नया करना चाहती थीं। इसके लिए उन्होंने अपने ही जैसे आय वर्ग की महिलाओं को लेकर ग्राम विकास की योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत एक 11 सदस्यीय महिला स्वयं सहायता समूह का गठन किया। जिसका नाम रानी लक्ष्मी बाई स्वयं सहायता समूह रखा। ई-रिक्शा चलाने के साथ मसाले पीसने का उत्पादन कर अपने गांव की क्षेत्र में पहंचान बनाई है। 
विज्ञापन

पूरी निष्ठा से संभाल रहीं परिचालक की जिम्मेदारी, ले चुकी ईमान

हाथरस डिपो में पिछले सात सालों से रीना सेंगर पूरी जिम्मेदारी के साथ बस में परिचालक पद की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। परिचालक रीना सेंगर अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा के साथ निभाती हैं। अक्सर त्योहारों के समय रोडवेज की प्रोत्साहन योजनाओं में ईनाम भी ले चुकी हैं। रीना बताती हैं कि पचिालक पद पर तमाम मुश्किलें आती हैं, लेकिन घर से बाहर निकलने के बाद मुश्किलों से डर नहीं लगता। हर स्थिति को पूरी गंभीरता से साथ समझना पड़ता है और उसका तत्काल निस्तारण करना पड़ता है। रीना कहती हैं कि महिलाओं को देश का इतिहास देखना चाहिए। जहां महिलाओं ने वो काम किए जो कोई पुरुष नहीं कर पाया। उन्हें पूरी ताकत से साथ अपनी मंजिल हासिल करनी चाहिए। 

विज्ञापन

बेटियों को शिक्षित व सशक्त बनाने की अलख जगा रहीं शैलजा


शहर से सटे गांव चंदपा निवासी छात्रा शैलजा मिश्र ने छोटी उम्र में बड़े मुकाम हासिल किए हैं। पांच सालों से बेटियों को शिक्षित व सशक्त बनाने के लिए शैजला ने तमाम कार्यक्रमों का आयोजन किया है। कार्यों से प्रेरित होकर प्रशासन की ओर से उन्हें एक ऐसी कमेटी का सदस्य भी बनाया गया जो महिलाओं के साथ होने वाले उत्पीड़न के मामलों का निवारण करती है। 

उन्होंने युवाओं को शिक्षित, संस्कारित, स्वस्थ्य व सशक्त बनाने के लिए जागरुकता अभियान की शुरूआत की। इसके साथ ही उन्होंने बड़े मंच जैसे दाऊजी मेले में आयोजित होने वाला यातायात सम्मेलन व युवा सम्मेलन आयोजित किए। शैलजा बताती हैं कि देश की कुल जनसंख्या में 65 फीसद युवा है। यही हमारे देश की ताकत है, लेकिन बदलते युग में युवाओं की नशाखोरी व अपराधों में संलिप्तता बड़ी चिंता है। युवाओं की नकारात्मक सोच, फास्ट फूड पर निर्भरता आदि कई ऐसी विसंगतिया हैं जो देश के युवाओं को कमजोर कर रही हैं। कार्यस्थल पर महिलाओं को लैंगिंग उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध व प्रतितोष) अधिनियम 2013 के तहत जिला स्तर कमेटी की सदस्या बनाया गया था। शैलजा पुलिस के परिवार परामर्श केंद्र की सबसे छोटी उम्र की काउंसलर भी रही हैं। 

स्वच्छता प्रर्यावरण की सीख के साथ महिलाओं को बना रही सशक्त
कस्बा हाथरस जंक्शन के गांव रामपुर निवासी गीता देवी अपनी साक्षरता का प्रयोग गांव की महिलाओं को स्वरोजगार प्रदान करने में कर रही हैं। स्वच्छता व प्रर्यावरण सुरक्षा को अहम मानते हुए वे इस क्षेत्र में काम करने के लिए महिलाओं को जागरूक कर रही हैं। जिसमें उनके द्वारा तमाम महिलाओं को नर्सरी आदि खुलवाकर स्वरोजगार ही नहीं दिया, बल्कि प्रर्यावरण को खूबसूरती प्रदान करने का काम किया जा रहा है। 

गीता देवी ने अपनी पढ़ाई मथुरा जनपद के राया में की है। शुरू से ही पेड़ पौधे व हरियाली से प्यार है। पति विनोद स्वच्छता के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर सम्मानित हुए हैं। जिसमें गीता देवी ने उनका पूरा साथ दिया। गीता बताती हैं कि खुले में शौच की रोकथाम के लिए जागरुकता में उनके पति को तमाम दिक्कतों करना पड़ता था। जिसमें उन्होंने उनका साथ दिया। स्वच्छता क्षेत्र में कार्य करते हुए उनके सामने तमाम जरुरतमंद महिलाएं सामने आईं। जिन्हें आर्थिक सहायता की विशेष आवश्यता थी। इसे लेकर गीता ने तमाम महिलों को नर्सरी बनाने का प्रशिक्षण दिया। महिलाओं को खूबसूरत पौधों की ट्रेडिंग का काम शुरू कराया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें