गोली लगने से घायल महिला का होता उपचार। संवाद
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क्षेत्र के गांव बरसामई में पशुओं के विवाद को लेकर हुए झगड़े के चलते एक अगस्त को तीन लोगों ने एक महिला को गोली मार दी, जिससे महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। उसका अलीगढ़ में उपचार चल रहा है। आरोप है कि महिला की शिकायत पर एक आरोपी का शांति भंग में चालान हुआ था। जमानत पर आने के बाद आरोपी ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर घर में घुसकर महिला पर यह हमला किया।
पीड़िता गिरिजा देवी के देवर योगपाल और सविनेश का कहना है कि 24 जुलाई को उनके और पड़ोसी की भैंस आपस में भिड़ गईं। इसे लेकर दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। मामला जरैरा चौकी पहुंचा। वहां 25 जुलाई को दोनों पक्षों में समझौता हो गया। 30 जुलाई को गिरिजा देवी प्लॉट पर गोबर डालने जा रही थीं। वहां दूसरे पक्ष के लोगों ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की।
महिला ने इस मामले में रामू, दिनेश, प्रदीप और कैलाश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने रामू को गिरफ्तार किया था और शांति भंग के तहत उसका चालान कर दिया। जमानत मिलने के बाद रामू एक अगस्त की रात को दो साथियों के साथ गिरिजा देवी के घर पहुंचा और सोती हुई गिरिजा देवी पर फायरिंग कर दी। गोली लगने से गिरिजा देवी की बाजू में लगी है।
गोली की आवाज सुनकर गिरिजा के पति योगेश कुमार मौके पर पहुंचे। उनकी सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने गिरिजा देवी को सिकंदराराऊ के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। वहां से उन्हें अलीगढ़ रेफर कर दिया गया। वहां उनका उपचार चल रहा है। गिरिजा के दोनों देवरों का आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को हिरासत में लिया था। उसे बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया। अब वह इस मामले की एसपी से शिकायत करेंगे। थानाध्यक्ष धीरज कुमार का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की छानबीन की जा रही है।