कलेक्ट्रेट सभागार में बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश विधान मंडल की सार्वजनिक उपक्रम एवं निगम संयुक्त समिति की प्रथम उप समिति के प्रथम अध्ययन दल के सभापति मनीष असीजा ने विभागीय अधिकारियाें के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि जिन निर्माण कार्य एवं जनकल्याणकारी परियोजनाओं की प्रगति समय सीमा के तहत संतोषजनक नहीं है, उनसे संबंधित विभागों के अधिकारियों को चेतावनी जारी की जाए।
उन्होंने कहा कि यदि चेतावनी के बाद भी कार्य समय सीमा के अंतर्गत पूर्ण नहीं किए जाते तो संबंधित की जिम्मेदारी तय करते कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने विद्युत विभाग की समीक्षा में सौभाग्य योजना, नगर निगम के बाहरी क्षेत्रों एवं नवगठित नगर पंचायतों में विद्युत कार्यों के लिए धन आवंटन की जानकारी प्राप्त की। डीएम को जनप्रतिनिधियों, नगर पालिका/नगर पंचायतों एवं विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर धनराशि का सदुपयोग कराने के निर्देश दिए।
समिति के सदस्यों ने कहा कि नलकूप कनेक्शन से आ रही ओवरलोडिंग की समस्या के समाधान के लिए किसानों से धनराशि ली जा रही है और विद्युत कनेक्शन के लिए स्टोर रूम से उपलब्ध कराई जाने वाली सामग्री एकमुश्त नहीं दी जा रही है। सभापति ने डीएम को भौतिक सत्यापन कराते हुए प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को नया कनेक्शन निर्गत करने से पूर्व ट्रांसफाॅर्मर की क्षमतावृद्धि करने के निर्देश दिए।
बैठक में विधान परिषद सदस्य डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह, विधायक कोल अनिल पाराशर, विधायक छर्रा रवेंद्रपाल सिंह, एमएलसी आकाश अग्रवाल, सरिता भदौरिया, मुख्य विकास अधिकारी साहित्य प्रकाश मिश्र, अपर जिलाधिकारी न्यायिक मोहम्मद मोइनुल इस्लाम, परियोजना निदेशक राजेश कुरील, जिला सूचना एवं पर्यटन अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी डॉ. सरिता सिंह, अधिशासी अभियंता विद्युत, जल निगम शहरी, जल निगम ग्रामीण सहित कई विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।