जून माह में गर्मी से लोगों का हाल बेहाल है। अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जिला अस्पताल में रोजाना लगभग 1500 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। भीषण गर्मी में जिला अस्पताल के एक वार्ड में शुक्रवार को एसी बंद पड़ा हुआ था। गर्मी से मरीजों का हाल बेहाल था। बेड पर चादरें तक नहीं बिछीं थीं। स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बागला जिला अस्पताल जिले का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है। यहां जिले भर से मरीज उपचार के लिए आते हैं। सीएचसी और पीएचसी से भी मरीजों को यहां रेफर किया जाता है। इसके बावजूद अस्पताल में मरीजों के लिए सुविधाओं का संकट है। जिला अस्पताल के वार्ड के कमरों में एयरकंडीशनर लगे हैं।
शुक्रवार को जब वार्डों में जाकर पड़ताल की गई तो पता चला दोपहर को 12 बजकर 6 मिनट पर वार्ड के एक कमरे का एसी बंद पड़ा था। हालांकि, कमरे में सिर्फ पंखे चल रहे थे। मरीज गर्मी से परेशान थे। मरीजों का आरोप था कि एसी कुछ ही समय के लिए चलाया जाता है। वार्ड के बेडों पर चादरें तक नहीं बिछी थीं। मरीजों में इसे लेकर नाराजगी नजर आई।
सांस लेने में दिक्कत की वजह से अस्पताल के वार्ड में भर्ती हूं। एसी नहीं चल रहा है। गर्मी से हालत खराब है।
-ऊदल सिंह, मरीज
खून की कमी के कारण अस्पताल में भर्ती हूं। एसी नहीं चल रहा है। गर्मी से परेशान हूं। बेड पर चादरें भी नहीं बिछाई गई हैं।
-राजकुमार, मरीज
सुबह के समय मौसम में नमी रहती है, इसलिए थोड़ी देर के लिए एसी बंद कर दिया जाता है। बेड पर चादरें बिछाने के लिए संबंधितों को निर्देश दिए जाएंगे।
-डॉ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस बागला जिला अस्पताल