मौसम की मार से लगातार बीमार बढ़ रहे हैं। हालात यहां तक पहुंच गए है कि जिला अस्पताल में 32 बेड का का वार्ड है। बुधवार को बुखार व डायरिया से पीड़ित 50 से अधिक ऐसे गंभीर हाल मरीज पहुंच गए, जिन्हें तत्काल भर्ती करना पड़ा। ऐसे में उन्हें बेंच और स्ट्रेचर पर लेटाकर उन्हें उपचार दिया गया।
जिला अस्पताल में बुधवार को करीब 1500 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। इनमें से करीब 500 मरीज बुखार और डायरिया के थे। मरीजों को भर्ती करने के लिए जिला अस्पताल के प्रथम तल पर 32 बेड का वार्ड है, बुधवार को 50 से अधिक ऐसे गंभीर मरीज जिला अस्पताल पहुंच गए, जिन्हें तत्काल भर्ती करना पड़ा। अस्पताल की व्यवस्था चरमरा गई।
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बातचीत-
मेरी देवरानी की तबीयत खराब है। उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड लेकर आई हूं। यहां सभी बेड फुल हैं। मजबूरन स्ट्रेचर पर लिटाकर उसका उपचार कराना पड़ रहा है।
- श्रीमती, साहपुर, तीमारदार।
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मेरी सास बीमार हैं। उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर आया हूं। इमरजेंसी वार्ड के बेड फुल होने पर बेंच पर लेटाकर उनका उपचार कराना पड़ रहा है।
- ममता, सहजादपुर, तीमारदार।
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मेरी तबीयत खराब है। जिला अस्पताल के वार्ड में बेड फुल हो गए हैं। मजबूरी में बेंच पर लेटकर उपचार कराना पड़ रहा है।
- मुन्नालाल, मरीज, भूरापीर।
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-क्षमता से अधिक मरीज वार्ड में भर्ती होने के पहुंच रहे हैं। इससे वार्ड फुल हो गए हैं। इसके बावजूद सीमित संसाधनों में मरीजों को बेहतर उपचार मुहैया करने का प्रयास किया जा रहा है। मरीजों को अस्थायी तौर पर बेंच पर लिटाया जाता है। थोड़ी देर बाद उन्हें एनआरसी में भर्ती करा दिया जाता है।
- डॉ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस जिला अस्पताल।