उमस भरी गर्मी में लोग उल्टी-दस्त, बुखार और नेत्र संक्रमण के शिकार हो रहे हैं। बड़ी संख्या में मरीज इन बीमारियों की चपेट में आकर उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। सोमवार को जिला अस्पताल का वार्ड मरीजों से फुल हो गया। उल्टी-दस्त और पेट में दर्द के 20 मरीज वार्ड में भर्ती किए गए। वार्ड में बेड फुल होने के कारण मरीजों को बेंच पर लिटाकर उपचार करना पड़ा।
मौसम में आए-दिन हो रहा बदलाव लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। लोग उल्टी-दस्त, पेट में दर्द, बुखार और नेत्र संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग इन बीमारियों की चपेट में आकर उपचार के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। उल्टी-दस्त और पेट में दर्द और घबराहट के मरीजों से जिला अस्पताल का वार्ड फुल हो गया।
बचाव के उपाय
- बाहर का खाना खाने से बचें।
- तली भुनी चीजों का सेवन न करें।
- तरल पेय पदार्थों का खूब इस्तेमाल करें।
- ओआरएस घोल का इस्तेमाल करें।
- शरीर में पानी की कमी न होने दें।
- परेशानी होने पर योग्य चिकित्सक से परामर्श लें।
जिला अस्पताल ओपीडी 2000 पार
हाथरस। रविवार को अवकाश के बाद सोमवार को जिला अस्पताल की वाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) खुली तो मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। पर्चा काउंटर से लेकर दवा वितरण कक्ष तक मरीजों की लंबी कतारें लग गईं। सोमवार को ओपीडी में 2000 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंचे। सबसे अधिक इनमें नेत्र संक्रमण, उल्टी-दस्त, पेट में दर्द व बुखार के पहुंचे। घंटों इंतजार के बाद मरीजों को दवा मिल सकी। इस दौरान नंबर को लेकर मरीजों में नोकझोंक भी हुई।
मौसम में बदलाव और गलत खान पान के कारण लोग बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। इस समय सबसे ज्यादा मरीज उल्टी-दस्त, पेट में दर्द, बुखार, घबराहट व नेत्र संक्रमण के आ रहे हैं। वार्ड में भर्ती के लिए अधिक संख्या में मरीज पहुंचने के कारण सभी वार्ड फुल हो गए। हमारी कोशिश है कि सीमित संसाधनों में मरीजों को बेहतर उपचार मुहैया कराया जाए।
- डॉ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस बागला जिला अस्पताल हाथरस